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हज कमेटी से नाराज दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारी को किया तलब

हज कमेटी ने दिव्यांगों के हज के लिए जाने पर रोक लगा दी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए जवाब मांगा है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

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दिव्यांग लोगों को हज पर जाने से रोकने के लिए बनी हज कमेटी की नीति को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. इस मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हज कमेटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को खुद हाजिर होने के आदेश दिए हैं.

दरअसल, सुनवाई में बुधवार को हज कमेटी की तरफ से कोई पेश ही नहीं हुआ. कोर्ट इस बात पर बेहद नाराज हुआ. कोर्ट ने निर्देश दिया कि नवंबर में होने वाली अगली सुनवाई पर भी अगर हज कमेटी की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ तो अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि कुछ समय पहले दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका गौरव कुमार बंसल की तरफ से लगाई गई थी, जिसमें कहा गया था कि मानसिक रूप से कमजोर और दिव्यांग लोगों को हज पर जाने की इजाजत हज कमेटी नहीं देती है. हज कमेटी की इस असंवेदनशील नीति पर सुनवाई करते हुए हज कमेटी और केंद्र सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट नोटिस भी जारी कर चुका है.

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इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय की तरफ से दाखिल किया गया हलफनामा था. इसमें केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया कि दिव्यांग लोगों को हज जाने की इजाजत इसलिए नहीं दी जा रही क्योंकि मुमकिन है कि वहां पर भीख मांगना शुरू न कर दें.

गौरतलब है कि हज कमेटी ने दिव्यांगों के हज पर जाने पर रोक लगा दी है. इस बात का खुलासा तब हुआ जब हाथ से दिव्यांग एक व्यक्ति की हज जाने की अर्जी को हज कमेटी ने बिना कारण बताए नामंजूर कर दिया. इस व्यक्ति ने हज कमेटी के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी और फिलहाल हाईकोर्ट इस पूरे मामले में सुनवाई कर रहा है. अब दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले में अगली सुनवाई 1 नवंबर को होगी.

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