दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बच्चे के माता-पिता की याचिका पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के ट्रस्टियों से जवाब तलब किया है. यह बच्चा साल 2016 में रेयान इंटरनेशनल स्कूल के एक वाटर टैंक में डूब गया था. इससे उस बच्चे की मौत हो गई थी. अब बच्चे के माता-पिता ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रेयान इंटरनेशनल स्कूल पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. साथ ही मामले में 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है.
दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है. याचिकाकर्ताओं ने एकल न्यायमूर्ति के आदेश के खिलाफ अपील की है. एकल न्यायमूर्ति ने इस मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वो कार्यवाही में दावे पर विचार नहीं कर सकते हैं.
अब इस मामले में चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की बेंच ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन अगस्टाइन फ्रांसिस पिंटो, उनकी पत्नी और निदेशक ग्रेस पिंटो, उनके बेटे और सीईओ रेयान पिंटो व वसंत कुंज स्कूल के प्रधानाध्यापक और अध्यापकों सहित अन्य अधिकारियों का जवाब मांगा है.
इसके अलावा हाईकोर्ट ने डीडीए, शिक्षा निदेशालय, दिल्ली जल बोर्ड और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को भी नोटिस जारी किया है. आपको बता दें कि 30 जनवरी 2016 को छह वर्षीय देवांश मीणा लापता हो गया था. इसके बाद उसी दिन देवांश का शव रेयान इंटरनेशनल स्कूल के एक पानी टैंक में मिला था. इसके बाद आपराधिक मामला दर्ज किया गया था.
देवांश मीणा के माता-पिता ने एडवोकेट अशोक अग्रवाल, आदित्य अग्रवाल और अंकित मुतरेजा के जरिए यह याचिका दाखिल की है. पिछले साल गुरुग्राम में रेयान इंटरनेशनल स्कूल में एक सात साल के बच्चे प्रद्युम्न की बेरहमी से हत्या का मामला भी सामने आ चुका है. इसको लेकर जमकर बवाल हुआ था. प्रद्युम्न हत्याकांड के बाद लोगों ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल को बंद करने तक की मांग की थी.