दिल्ली में कोरोना संकट लगातार बढ़ता जा रहा है और हर रोज 7-8 हजार से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं. बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. हाईकोर्ट ने सरकारी केंद्रों में कोविड स्पेशल बेड ना होने को लेकर सरकार को फटकारा और कहा कि आप सितंबर से लेकर अबतक क्या कर रहे हैं? इसके साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के 33 प्राइवेट अस्पतालों के 80% बेड कोरोना वायरस मरीजों के लिए रिजर्व करने का आदेश दिया है.
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि राधास्वामी सत्संग केंद्र में कितने ICU बेड मौजूद हैं, जो कोविड के मरीजों के लिए ही बनाए गए हैं? जिसपर दिल्ली सरकार ने बताया कि वहां 10 हजार बेड हैं, लेकिन सभी बेड फंक्शनल नहीं हैं. वहां सिर्फ 2 हजार ही बेड पूरी तरह से तैयार हैं, उस जगह लोग नहीं आ रहे हैं. ऐसे में अभी इस केंद्र में सिर्फ 200 बेड पर ही ऑक्सीजन की सुविधा है.
इसपर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आप कर क्या रहे हैं? दिल्ली में इतने सारे गरीब लोग हैं जिनके पास प्राइवेट अस्पताल जाने के पैसे नहीं हैं. लेकिन आप प्राइवेट अस्पताल में ही ICU बेड रिजर्व करने की बात कर रहे हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में आपने सितंबर से अबतक क्या किया, आपकी तैयारी किया है.
सरकारी अस्पताल में नहीं कोई इंतजाम: HC
दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आपने सरकारी अस्पतालों में कोई इंतजाम नहीं किया और आप प्राइवेट अस्पतालों में बेड रिजर्व करने की बात कर रहे हैं.
HC ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों के अपने खर्चे हैं, उन्हें प्राइवेट अस्पताल को चलाने के लिए ख़ुद पैसे अर्जित करने पड़ते हैं. स्टाफ को पैसे देने होते हैं, वो अगर 80 फीसदी बेड रिजर्व करेंगे तो फिर अपने खर्चे कैसे निकालेंगे.
अदालत ने अब दिल्ली सरकार के वकील को अपनी सरकार से निर्देश लेकर आने को कहा है, ताकि अदालत के सवालों का जवाब मिल सके. दरअसल, दिल्ली सरकार कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर दिल्ली के चिन्हित प्राइवेट अस्पतालों में 80 फीसदी ICU बेड रिजर्व करना चाहती है.
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट की ये टिप्पणी उस वक्त आई है जब दिल्ली में कोरोना का कहर एक बार फिर अपना रंग दिखा रहा है. पिछले दो हफ्ते से दिल्ली में हर रोज 7-8 हजार से अधिक मामले आ रहे हैं, बीते दिन तो राजधानी में 8593 नए मामले सामने आए, जो एक नया रिकॉर्ड है. दिल्ली में अनलॉक शुरू होने और त्योहारी सीजन के बाद से ही मामलों में बढ़ोतरी हो रही है.