कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर और डेल्टा वेरियंट को लेकर हुई DDMA की बैठक में 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान ' पास किया गया है. बैठक में डेल्टा प्लस वेरियंट को फैलने से रोकने पर एक्शन प्लान को लेकर भी हुई चर्चा की गई है. इस बैठक में हुई चर्चा के बारे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने ट्वीट कर कहा है "आज DDMA बैठक में 'Graded Response Action Plan' पास किया गया. कब लॉकडाउन लगेगा और कब क्या खुलेगा, इसे लेकर अब संशय की स्थिति नहीं रहेगी. DDMA की बैठक में कोरोना के Delta+ वैरिएंट को लेकर भी बात हुई, इस वेरिएंट को हमें दिल्ली में फैलने से रोकना है जिसके लिए सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है."
आपको बता दें कि इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री के अलावा उपराज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री समेत चीफ सेक्रेटरी और अन्य आला अधिकारी भी शामिल हुए हैं.
दिल्ली में सार्स सीओवी-2 जीनोम सीक्वेंसिंग की शुरुआत
पिछले दिनों से ही दिल्ली सरकार ने कोविड-19 महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने सार्स सीओवी-2 जीनोम सीक्वेंसिंग सुविधा की शुरुआत की है. इसे लोक नायक अस्पताल और इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज की जेनेटिक लेबोरेटरी में शुरू किया गया है. अब दिल्ली सरकार लगभग 4-5 दिनों के टर्नअराउंड समय के साथ एक दिन में 5-7 नमूनों का सिक्वेंस (अनुक्रम) करने में सक्षम होगी.
सर्कुलेटिंग वायरल स्ट्रेन की पहचान जरूरी- केजरीवाल
तीसरी लहर के बारे में चेताते हुए CM अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि कोविड-19 महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और नए वायरल वैरिएंट सामने रहे हैं. इसलिए सर्कुलेटिंग वायरल स्ट्रेन की पहचान करना सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि वेरिएंट के प्रसार की जांच के लिए संपर्क ट्रेसिंग की जा सके. निरंतर जीनोम सिक्वेंसिंग वायरस के प्रसार, गतिविधि और विकास की निगरानी में मदद करता है. इसलिए सार्स सीओवी-2 जीनोमिक सिक्वेंसिंग बीमारी की निगरानी रखने का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है.