नॉर्थ एमसीडी ने सीलिंग की एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यमुना बाजार इलाके में एक निर्माणाधीन अस्पताल की इमारत को सील कर दिया है.
दरअसल, यमुना बाजार में रिंग रोड के ठीक सामने बन रही अस्पताल की ये इमारत शुरू से ही विवादों में थी. इमारत में अवैध निर्माण के साथ ही इसके यमुना नदी के बेहद करीब बनने पर भी सवाल खड़े हो रहे थे.
आरोप ये तक लग रहे हैं कि जिस जगह पर अस्पताल की इमारत बन रही है वो जमीन यमुना नदी के ओ ज़ोन में आती है. हालांकि इमारत के आसपास रिहायश पहले से ही हैं. एमसीडी के सिटी एसपी जोन की करीब 40 कर्मचरियों की टीम सुबह- सुबह निर्माणाधीन इमारत में पहुंची और उसको सील कर दिया. एमसीडी की टीम के साथ ही स्थानीय थाने से पुलिस बल भी पहुंची थी ताकि कार्रवाई में रुकावट ना आए.
आपको बता दें कि सीलिंग की कार्रवाई से पहले एमसीडी सिटी एसपी जोन के डीसी ने इमारत में अवैध निर्माण का हवाला देते हुए इमारत में वर्क स्टॉप नोटिस चस्पा कर दिया था. इस बाबत एमसीडी ने 4 जनवरी 2018 और 19 मार्च 2018 को उत्तरी जिले के डीसीपी को पत्र लिख इमारत में चल रहे अवैध निर्माण को रूकवाने और निर्माण सामग्री समेत निर्माण के लिए इस्तेमाल हो रही मशीनों को सीज करने के लिए पत्र लिखा था.
एमसीडी पर उठ रहे सवाल
इस इमारत को भले ही नॉर्थ एमसीडी ने अब सील कर दिया है लेकिन कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. सवाल है कि रिंग रोड पर यमुना के इतने नजदीक एक बहुमंजिला इमारत खड़ी हो गई लेकिन एमसीडी को इसकी भनक इमारत बन जाने के बाद लगी? इमारत लगभग बन कर तैयार है और इसमें सिर्फ इंटीरियर का काम होना बाकी था ऐसे में एमसीडी ने इतनी ऊंची इमारत बनने कैसे दी?
हालांकि एमसीडी सूत्रों के मुताबिक इमारत को बनाने की जो मंजूरी डीडीए ने दी थी उसे खुद डीडीए ने अब रद्द कर दिया है. इसलिए इमारत को सील किया गया है. एमसीडी की ओर से यमुना नदी के बेहद नजदीक बनी इमारत को सिर्फ सील किया गया है जबकि एमसीडी एक्ट के तहत उसके पास अवैध निर्माण को गिराने का भी अधिकार है.