कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए दिल्ली मेट्रो की सेवा बंद है. इसे कब शुरू किया जाना है, अभी फैसला नहीं हो पाया है. इस बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने कहा है कि सरकार का जो भी निर्देश होगा, उसके मुताबिक मेट्रो को शुरू करने का कदम आगे बढ़ाया जाएगा. बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब मेट्रो का पहिया पूरी तरह ठप है और कोरोना के चलते आवाजाही पर पूर्णतः प्रतिबंध है. सूत्रों की मानें तो दिल्ली मेट्रो को लॉकडाउन की वजह से अब तक 1300 करोड़ का घाटा हो चुका है.
डीएमआरसी का बयान तब आया है जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि मेट्रो सेवा शुरू की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के हालात सुधर रहे हैं, इसलिए ट्रायल के आधार पर दिल्ली मेट्रो शुरू की जानी चाहिए. केजरीवाल ने आशा जताई कि उनकी मांगों पर केंद्र ध्यान देगा. हालांकि डीएमआरसी ने कहा कि केंद्र के निर्देश के बाद ही मेट्रो शुरू करने पर विचार होगा.
डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, सरकार से निर्देश मिलने के बाद ही डीएमआरसी मेट्रो शुरू करने की तैयारी करेगी. कोरोना को लेकर जो भी गाइडलाइंस हैं, उनका पालन किया जाएगा. यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए जो भी कदम उठाने होंगे, डीएमआरसी अपना काम करेगा. सूत्रों की मानें तो लॉकडाउन में मेट्रो सेवा बंद होने की वजह से 1300 करोड़ का घाटा हुआ है. कोरोना बढ़ने के साथ ही मार्च महीने से सेवा बंद है. यह भी निश्चित नहीं है कि आगे कब इसे शुरू किया जाना है.
बता दें, जनता कर्फ्यू लगने के बाद 22 मार्च से मेट्रो बंद है. बाद में पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया जिससे रेल सेवा भी बंद करनी पड़ी. रेल अब भी नियमित रूप से परिचालन में नहीं है. चरणबद्ध तरीके से सरकार ने अर्थव्यवस्था खोलने की इजाजत दे दी लेकिन सरकार की ओर से डीएमआरसी को अभी कोई हरी झंडी नहीं मिली है. दिल्ली मेट्रो इसे शुरू करने के लिए हर तैयारी कर चुकी है. स्टेशनों पर थर्मल स्कैनर से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सीट पर स्टिकर चिपका दिए गए हैं. जैसे ही सरकार से निर्देश मिलेगा, मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी. नियमित तौर पर हर दिन मेट्रो 26 लाख लोगों को सवारी कराती है.