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Delhi Mundka Fire: बिना अनुमति चल रही थी फैक्ट्री, MCD ने दो अफसरों को किया सस्पेंड

दिल्ली के मुंडका स्थित ये फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही थी. इमारत लाल डोरा की जमीन पर बनी है, जहां पर इंडस्ट्री चलाने की अनुमति ही नहीं मिलती है. फैक्ट्री का कोई वैलिड लाइसेंस नहीं था.

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दिल्ली के मुंडका की जिस फैक्ट्री में आग लगी थी, उसमें 27 लोगों की मौत हुई है. (File Photo)
दिल्ली के मुंडका की जिस फैक्ट्री में आग लगी थी, उसमें 27 लोगों की मौत हुई है. (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • NORTH MCD ने कहा- अफसरों की लापरवाही सामने आई
  • ये भी बताया- मालिक ने कभी अप्लाई ही नहीं किया बिल्डिंग प्लान

दिल्ली के मुंडका में आग की घटना में 27 लोगों की जान चली गई. इतने ही लोग लापता हैं. इस घटना में बिल्डिंग मालिक को अरेस्ट कर लिया गया है. फैक्ट्री मालिक सगे भाइयों को भी जेल भेजा गया है. मामले में फैक्ट्री को अवैध बताकर नगर निगम को निशाना बनाया जा रहा है. अब इस मामले में नॉर्थ दिल्ली नगर निगम ने एक्शन लिया है. निगम ने इलाके के लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर और सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया है.

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नरेला जोन के लाइसेंस इंस्पेक्टर संदीप कौशिक, जनरल ब्रांच और हाउस टैक्स डिपार्टमेंट के सेक्शन ऑफिसर बीआर मीना को सस्पेंड किया गया है. नॉर्थ दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर संजय गोयल ने कहा कि इन लोगों ने जिमेम्दारी निभाने में लापरवाही बरती है. 

बताते चलें कि ये फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही थी. इमारत लाल डोरा की जमीन पर बनी है, जहां पर इंडस्ट्री चलाने की अनुमति ही नहीं मिलती है. फैक्ट्री का कोई वैलिड लाइसेंस नहीं था. ऑनर की तरफ से किसी भी तरह के ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस के लिए अप्लाई ही नहीं किया गया. लिहाजा, एमसीडी को फायर एनओसी ना होने के बारे में जानकारी नहीं मिली.

जिस बिल्डिंग में आग लगी, वो 376.25 स्वायर मीटर के प्लाट पर बनी है. इसका खसरा नंबर 193 है, जो मुंडका गांव में आता है. जांच में पाया गया कि जिस सड़क पर ये बिल्डिंग बनी है, वो ना ही कमर्शियल है और ना ही मिक्स लैंड यूज.

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नरेला जोन के रिकॉर्ड में पता लगा कि इमारत 11 साल पुरानी है. 8 मार्च 2011 और 20 जून 2011 को नजफगढ़ जोन एमसीडी ने इसे बुक भी किया था. 2016 से 2018 तक ओनर ने कन्वर्जन चार्ज भी जमा कराया था. ओनर ने कभी एमसीडी को बिल्डिंग प्लान के लिए अप्लाई ही नहीं किया था.

मॉनिटरिंग कमेटी ने इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे शराब की शॉप को 24 जनवरी 2019 को सील भी किया था. जबकि 24 जुलाई 2019 को ये डी-सील हो गई. निगम ने बताया कि 1 जनवरी 2011 से 31 दिसंबर 2011 के दौरान नरेला नजफगढ़ जोन के बिल्डिंग डिपार्डमेंट में तैनात रहे जेई के खिलाफ शो-कॉज नोटिस दिया गया है. साफ है कि स्थानीय निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से इतनी बड़ी इमारत खड़ी हो गई.

 

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