राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोविड-19 और महामारी के नए वैरिएंट के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. आज से दिल्ली में नाइट कर्फ्यू भी लागू हो गया है, जो रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा. दिल्ली में रविवार को लगातार दूसरे दिन 200 से ज्यादा कोरोना केस रेकॉर्ड हुए हैं. बीते दिन 290 नए मरीज और संक्रमण दर 0.55 प्रतिशत दर्ज हुई. यदि आज भी 0.50 प्रतिशत से ज्यादा संक्रमण दर रेकॉर्ड होती है, तो राजधानी में कोरोना ग्रेडिड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू हो सकता है.
टेंशन में आए व्यापारी
इसके तहत दिल्ली के बाजार, कारोबार, व्यवसायिक प्रतिष्ठान समेत कई क्षेत्रों में अनेक तरह की पाबंदियां लगनी तय हैं. इस पर व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) से ग्रेप के तहत लागू होने वाली पाबंदियों पर विचार करने का अनुरोध किया है.
डीडीएमए को लिखा पत्र
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने डीडीएमए को पत्र लिखा है, उन्होंने पत्र में कहा है कि राजधानी में लगातार 2 दिनों तक संक्रमण दर 0.5 प्रतिशत या लगातार 7 दिनों के दौरान 1500 से अधिक या फिर औसत 500 ऑक्सिजन बेड 7 दिनों तक भरे रहने पर ग्रेप का पहला 'येलो' कलर अलर्ट लागू होगा. अभी दिल्ली में लगातार 7 दिनों तक 1500 से अधिक केस और 7 दिनों तक औसत 500 बेड नहीं भरे हैं. ऐसे में ग्रेप के पहले चरण के दौरान लगने वाली पाबंदियों को नहीं लगाया जाए.
'अभी दिल्ली में इतनी सख्ती की जरूरत नहीं'
बृजेश गोयल ने बताया कि येलो कलर कोड लागू हुआ तो दुकानें ऑड-ईवन के आधार पर सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुलेंगी. हर जोन में 50 प्रतिशत वेंडर के साथ एक वीकली मार्केट लगेगी. सिनेमाघर, थिएटर, बैंक्वेट हॉल, जिम, एंटरटेनमेंट पार्क बंद रहेंगे. दिल्ली मेट्रो और बसों में 50 प्रतिशत लोग ही सफर करेंगे. यात्री खड़े होकर सफर नहीं कर सकेंगे. नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा. बृजेश गोयल ने कहा कि अभी दिल्ली में इतनी सख्ती की जरूरत नहीं लगती है. व्यापारियों का कहना है कि सख्ती से उनका बिजनेस प्रभावित होगा.