दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में शनिवार शाम को बड़ा हादसा हो गया. यहां भारी बारिश के बाद राव यूपीएससी कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग के बेसमेंट में पानी भर जाने से दो होनहार छात्राओं की मौत हो गई. अब सवाल उठता है कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? भले ही इसको लेकर दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन इसमें बड़ी लापरवाही सामने आ रही है.
कारण, बारिश होने के कारण कोचिंग सेंटर के बाहर पहले भी कई बार भारी जलजमाव हो चुका है. इसके बाद भी किसी की नजर इस पर नहीं पड़ी और न ही इसके समाधान के लिए कोई उपाय किए गए. जानकारी के मुताबिक हल्की बारिश होने के बाद भी कोचिंग सेंटर के सामने सड़क पर जलजमाव हो जाता है. कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र की मानें तो तेज बारिश होने के कारण सड़कों पर इतना पानी हो जाता है कि कई बार क्लास भी रद्द कर दी जाती है.
एक छात्र ने आजतक से बात करते हुए बताया कि पिछले हफ्ते भी यहां भारी जलजमाव था. कई बार स्थिति ऐसी हुई है कि यहां की सड़कों पर गाड़ियां तैरती नजर आती हैं. वहीं जब हम कोचिंग सेंटर में रहते हैं तो बारिश होने के बाद सड़क पर पानी भर जाने के कारण कई घंटे बाहर नहीं निकल पाते. हालांकि इससे पहले कभी कोचिंग सेंटर के भीतर पानी नहीं भरा था. लेकिन इस बार अचानक इतनी तेजी से पानी अंदर आया कि सभी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका.
सीवर फटने से बेसमेंट में भरा पानी?
जानकारी के मुताबिक सीवर फटने से अचानक बेसमेंट में पानी भर गया और लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे सभी छात्र बाहर नहीं निकल सके. हादसे के समय बेसमेंट स्थित लाइब्रेरी में 30 से अधिक छात्र मौजूद थे. दिल्ली अग्निशमन विभाग (DFS) के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे राव IAS स्टडी सेंटर से जलभराव की सूचना मिली थी. इसके बाद तुरंत मौके पर जाकर देखा तो बेसमेंट पूरी तरह से गंदे पानी से भरा हुआ था. कई छात्र लापता होने की जानकारी थी. इसके बाद पंप लगाकर पानी बाहर निकाला गया और बेसमेंट से छात्राओं के शव बरामद हुए.
शिक्षा मंत्री ने दिए जांच का आदेश
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली के मेयर और स्थानीय विधायक भी मौके पर हैं. मैं स्थिति पर करीब से नज़र रख रही हूं. दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. इस दुर्घटना के लिए जो भी ज़िम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. दिल्ली की मेयर शेली ओबेरॉय ने कहा कि सीवर फटने से बेसमेंट में अचानक बाढ़ आ गई. अगर किसी एमसीडी अधिकारी की गलती पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.