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ऑक्सीजन कंसंट्रेटर केसः कालरा के वकील का सवाल- ड्यूटी-GST दी, फिर बेचना गैरकानूनी कैसे?

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के मामले में आरोपी नवनीत कालरा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है. साकेत कोर्ट में नवनीत कालरा के वकील विकास पहवा अपनी दलील रख रहे हैं.

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नवनीत कालरा (फाइल फोटो)
नवनीत कालरा (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नवनीत कालरा की जमानत याचिका पर सुनवाई
  • वकील बोले- हमने लीगल चैनल से खरीदा और बेचा है

दिल्ली के खान मार्केट से बरामद ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के मामले में आरोपी नवनीत कालरा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है. साकेत कोर्ट में नवनीत कालरा के वकील विकास पहवा अपनी दलील रख रहे हैं.

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नवनीत कालरा के वकील विकास पाहवा ने कोर्ट को कहा कि आजकल कोर्ट में दोषी साबित होने से पहले सोशल मीडिया में आरोपी को दोषी साबित कर दिया जाता है, हमें फेयर ट्रायल मिलना चाहिए. इस पर जज ने कहा कि फेयर ट्रायल हर आरोपी को मिलना उसका अधिकार है. नवनीत कालरा के वकील ने कहा कि मेरे ख़िलाफ़ कैंपेन चलाया जा रहा है.

नवनीत कालरा के वकील विकास पाहवा ने कहा कि एफआईआर में जो भी आरोप लगाए गए है, वो पूरी तरह से ग़लत है, जहां मेरे रेस्टोरेंट से रिकवरी की गई है, वहां के मैनेजर और कर्मचारियों को भी बेवजह गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गिरफ्तार किए लोगों ने पुलिस को बताया कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सही तरीके से लाए गए.

नवनीत कालरा के वकील विकास पाहवा ने कहा कि सरकार को जीएसटी देकर और कस्टम से क्लियर कराकर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लाए गए है, आयात भी लीगल चैनल से किया गया और बेचा भी ऐप के माध्यम से गया, ऐसे में ये अवैध कैसे हो गया, इसके पुलिस अफसरों, नेताओं, जज और कई लोगों ने खरीदा है.

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नवनीत कालरा के वकील विकास पाहवा ने कहा कि दिल्ली पुलिस का कहना है कि ये महंगे दामों पर बेचे गए जबकि केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को लेकर आज़तक कोई रेट तय ही नहीं किया है, हमारे यहां 70 हज़ार का था, लेक़िन बाजार में ये 2 लाख तक का बिक रहा है, इसका रेट क़्वॉलिटी और कितने लीटर का है, उसके हिसाब से तय होता है.

नवनीत कालरा के वकील ने कोर्ट को कहा कि जब भी कोई भी चीज़ अगर सरकार की तरफ़ से आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे में लाया जाता है, तो उसका रेट तय कर दिया जाता है और अगर कोई भी व्यक्ति सरकार के तय किये गए रेट से ज़्यादा वसूलता है तो ये अपराध की श्रेणी में आता है लेकिन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को इस दायरे में लाया ही नहीं गया.

नवनीत कालरा के वकील विकास पाहवा ने कहा कि एक तरफ़ हाई पावर कमेटी कह रही है कि महामारी में पुलिस लोगों को गिरफ्तार न करें, लेकिन दिल्ली पुलिस कमेटी की गाइडलाइंस का ही पालन नहीं कर रही है, जबकि पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों के हिसाब से भी कालाबाज़ारी से जुड़े मामलों में 7 साल से ऊपर की सज़ा का प्रावधान नहीं है.

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नवनीत कालरा के वकील ने कहा कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी फिलहाल इसीलिए की जा रही है ताकि कोरोनाकाल में बाकी और चीज़ों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके.

नवनीत कालरा के वकील ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपनी एफआईआर में कह रही है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों को शिकायत करते हुए देखा कि कालरा ने जो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचे वो ठीक से काम नहीं कर रहे है और कालरा ने उनको वापस लेने से इनकार कर दिया है, क्या पुलिस सोशल मीडिया पर लिखी गई चीज़ों पर किसी को गिरफ्तार कर सकती है?

 

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