देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ किया है और 42 लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए लोगों में 13 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं.
पुलिस उपायुक्त (आईजीआई) उषा रंगनानी ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 23 एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, जबकि अन्य यात्री के रूप में शामिल थे. रंगनानी ने बताया कि ये रैकेट, अक्सर पड़ोसी देशों के विदेशी नागरिकों को शामिल करते हैं, भारत की सीमाओं की दिक्कतों का फायदा उठाकर भारत में प्रवेश करते हैं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवा लेते हैं.
गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिकों में 13 बांग्लादेश, 4 म्यांमार, 3 नेपाल और 1 अफगानिस्तान के हैं. सभी ने भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया था और भारतीय दस्तावेजों का उपयोग करके अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बनाई थी. अन्य गिरफ्तार लोगों में 9 पश्चिम बंगाल, 4 दिल्ली, 3 महाराष्ट्र और 1-1 उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, ओडिशा और राजस्थान से हैं.
कैसे बनाते थे फर्जी पासपोर्ट
डीसीपी ने बताया, 'यह रैकेट सबसे पहले विदेशी नागरिकों के लिए भारतीय दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से बनाते थे, इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल आगे अन्य फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए किया जाता था जिससे भारतीय पासपोर्ट बनाया जाता था. यह प्रक्रिया कई राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फैले नेटवर्क के जरिए संचालित होती थी.'
मार्च में, एक बांग्लादेशी नागरिक को यूएई से लौटते समय फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था. जांच में बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले रैकेट का खुलासा हुआ, जिसमें चार एजेंट गिरफ्तार किए गए और 21 फर्जी पासपोर्ट बरामद हुए. जुलाई में, एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक को कुवैत यात्रा के लिए फर्जी पासपोर्ट का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था. इस मामले में महाराष्ट्र के एक एजेंट की गिरफ्तारी हुई थी. पुलिस ने बताया कि इन रैकेट्स का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है.