दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय फायर आर्म आपूर्तिकर्ताओं के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इस बात की जानकारी एक अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. जिसके अनुसार आरोपियों के पास से पांच अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, छह देशी पिस्तौल और 28 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.
इस मामले की जांच पिछले साल 15 दिसंबर को शुरू हुई थी, जब पुलिस को दिल्ली के बुराड़ी इलाके में लूट की योजना बना रहे कुख्यात अपराधी कुलदीप के बारे में सूचना मिली थी. पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और एक पिस्तौल भी जब्त की गई है.
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पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंठिया ने कहा कि कुलदीप पहले 2023 प्रगति मैदान सुरंग डकैती मामले में फंसा था. पूछताछ में पता चला कि उस मामले में जमानत मिलने के बाद वह सह-आरोपी प्रदीप के साथ फिर से जुड़ गया, जिसने उसे हथियार डीलर प्रवीण से मिलवाया. अधिकारी ने आगे कहा कि कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद, टीम ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में प्रवीण की गतिविधियों पर नज़र रखी. पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए मेरठ और बागपत में दो टीमें तैनात कीं.
14 जनवरी को प्रवीण को हरियाणा के रोहतक में पकड़ा गया. प्रवीण के खुलासे से मेरठ से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, छह देसी पिस्तौल और 22 ज़िंदा कारतूस बरामद हुए. उसने दो दशकों से अधिक समय से हथियारों की आपूर्ति करने की बात कबूल की है. जिसमें प्रगति मैदान सुरंग डकैती में शामिल अपराधी भी शामिल हैं.
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आगे की पूछताछ में मेरठ में रहने वाले 52 वर्षीय हथियार आपूर्तिकर्ता जुल्फिकार उर्फ हाजी गुड्डू का पता चला है. पुलिस ने कहा कि 16 जनवरी को पुलिस ने जुल्फिकार को पकड़ लिया और उसके घर से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और छह कारतूस जब्त किए. उनके अनुसार जुल्फिकार पहले 2021 में मुरादनगर में एक अवैध फायर आर्म कारखाने से जुड़ा था.