देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति लगातार खराब हो रही है. आज (26 अक्टूबर) भी सुबह के वक्त दिल्ली के कई इलाकों में धुंध छाई रही और विजिबिलिटी कम दर्ज की गई. इस बीच वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केजरीवाल सरकार आज यानी 26 अक्टूबर को आईटीओ चौराहे से 'रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ अभियान' शुरुआत कर रही है. यह अभियान इस बार दिल्ली की जनता की भागीदारी द्वारा चलाया जाएगा.
एयर क्वालिटी मापने वाली एजेंसी, SAFAR के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार सुबह 9 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 256 दर्ज किया गया, जो कल इसी समय 190 था. वहीं, नोएडा में ये 269 दर्ज किया गया. यहां कल 211 एक्यूआई मापा गया था. आइए जानते हैं, विभिन्न इलाकों में आज क्या है AQI.
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'आजतक' से बातचीत में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि 28 अक्टूबर को बाराखंभा और 30 अक्टूबर को चंदगी राम अखाड़ा चौराहे पर “रेड लाईट ऑन, गाड़ी ऑफ” अभियान चलाया जाएगा. 2 नवंबर को सभी 70 विधान सभा में “रेड लाईट ऑन, गाड़ी ऑफ” अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने बताया कि 3 नवंबर को 2000 इको क्लब के माध्यम से “रेड लाईट ऑन, गाड़ी ऑफ” अभियान को लेकर स्कूलों में बच्चों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का क्या है हाल, देखें खास कवरेज
दिल्ली-NCR के अलग-अलग इलाकों का एक्यूआई
दिल्ली-NCR के इलाके | AQI | कैटेगरी |
दिल्ली (overall) | 256 | खराब |
पूसा | 221 | खराब |
लोधी रोड | 225 | खराब |
दिल्ली यूनिवर्सिटी | 316 | बेहद खराब |
एयरपोर्ट | 283 | खराब |
नोएडा | 269 | खराब |
मथुरा रोड | 169 | मध्यम |
आयानगर | 208 | खराब |
आईआईटी दिल्ली | 256 | खराब |
गुरुग्राम | 176 | मध्यम |
धीरपुर | 307 | बेहद खराब |
बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 के बीच को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को 'गंभीर' माना जाता है.
गाड़ियों के इंजन बंद न होने से फैलता है 9 प्रतिशत अधिक प्रदूषण
गोपाल राय ने बताया कि हमने 2020 में इस अभियान को शुरू किया था. इसका आधार देश के अलग-अलग हिस्से में किए गए अध्ययन को बनाया गया. भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत, औद्योगिक अनुसंधान परिषद एवं केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के द्वारा 2019 में एक अध्ययन किया गया था. जिसके अनुसार रेडलाइट पर गाड़ियों के इंजन बंद न होने के कारण 9 प्रतिशत अधिक प्रदूषण फैलता है. “रेड लाईट ऑन, गाड़ी ऑफ” अभियान का उद्देश्य लोगों की आदत को बदलना है, जिससे कि लोग अपने वाहनों के इंजन को रेडलाइट पर बंद कर दें.
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गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में पीसीआरए और पेट्रोलियम संरक्षण साझेदारी के तहत भीकाजी कामा रेडलाईट पर एक अध्ययन किया गया था. वहां पर बिना अभियान के जब सर्वे हुआ तो 20 प्रतिशत लोग ही रेडलाईट पर अपना इंजन बंद कर देते थे. ऐसे में वहां पर प्लेकार्ड वालेंटियरर्स ने अभियान शुरू किया. अभियान के बाद जब सर्वे किया गया तो पाया गया कि लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने अपनी गाड़ी का इंजन बंद करना शुरू कर दिया. इस प्रकार का अभियान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई शहरों में भी किया गया है. लंदन में इस अभियान को “इंजन ऑफ एवरी स्टाफ” के नाम से चलाया गया. संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तरी केरोलीना के शहरों में भी “टर्न ऑफ योर इंजन” के नाम से इसी प्रकार का अभियान चलाया गया था. इस अभियान के बाद 10 में से 8 लोगों ने अपने गाड़ी के इंजन को बंद करना शुरू कर दिया.
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि इस अभियान को जन अभियान बनाया जाएगा, इसमें आर डब्लू ए, इको क्लब, पर्यावरण मित्र के साथ दिल्ली की आम जनता को जोड़ा जाएगा. इस जागरूकता अभियान का असर लोगों पर पड़ता है. वे एक-दूसरे को अपने गाड़ी का इंजन बंद करने की सलाह भी देते हैं.