Delhi Pollution Level: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार आया है. हालांकि, अब भी राजधानी की हवा प्रदूषित है. दिल्ली में बुधवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लेवल 235 दर्ज किया गया और यह कैटेगरी 'खराब' है. पहले दिल्ली का एक्यूआई लेवल 'बहुत खराब' कैटेगरी में दर्ज किया जाता था. पिछले एक महीने से अधिक समय से दिल्ली-एनसीआर की हवा काफी प्रदूषित रही है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती रही है. केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक प्रदूषण की समस्या को दूर करने की कोशिश में जुटी हुई है.
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकस्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के आंकड़े के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई लेवल 235 रहा. जबकि मंगलवार को यह 255 रहा था. वहीं, सोमवार को एक्यूआई लेवल 322 दर्ज किया गया था. इससे मालूम चलता है कि पिछले दो दिनों में दिल्ली की हवा में फैला प्रदूषण काफी कम हुआ है. मंगलवार को दिल्ली के पड़ोसी फरीदाबाद (234), गाजियाबाद (235), ग्रेटर नोएडा (174), गुरुग्राम (248) और नोएडा (212) में एक्यूआई लेवल दर्ज किया गया था.
बता दें कि जीरो से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 को 'संतोषजनक', 101 और 200 को 'मध्यम', 201 और 300 को 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 और 500 को 'गंभीर' माना जाता है. वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी SAFAR ने कहा कि मंगलवार को स्थानीय हवा की गति बढ़कर 16 किमी प्रति घंटे हो गई. अगले चार दिनों में मध्यम हवा की गति में और सुधार होगा. दिल्ली का बीते दिन का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 11.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
Delhi's air quality improves to 'poor' from 'very poor' category with Air Quality Index (AQI) standing at 235, as per SAFAR-India
— ANI (@ANI) December 8, 2021
Visuals from near Jawaharlal Nehru Stadium in New Delhi pic.twitter.com/Jps1XIaHOO
प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट लगा चुका है फटकार
वहीं, प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई दिनों से सुनवाई चल रही है. इस दौरान, कई बार कोर्ट केंद्र और दिल्ली सरकार, दोनों को फटकार लगा चुका है. हाल ही में कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि प्रदूषण के बीच स्कूल क्यों खोले गए? जिसके बाद स्कूलों को फिर से बंद कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि बड़े लोग घर से काम कर रहे हैं, ऐसे में बच्चे सुबह धुंध में स्कूल क्यों जा रहे हैं? कोर्ट ने कहा कि आप कह रहे हैं कि बच्चे के अभिभावक अगर स्कूल भेजना चाहते हैं तो भेजें, नहीं तो न भेजें. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि आप रोज हलफनामा पेश कर रहे हैं, रिपोर्ट, कमेटी रिपोर्ट सब दे रहे हैं. लेकिन ग्राउंड पर क्या हो रहा है. बेंच ने पूछा कि आपने टास्क फोर्स बनाई थी, उसका क्या हुआ. उसमें दिल्ली सरकार के कितने आदमी हैं और केंद्र के कितने?