सोशल मीडिया के अपने फायदे तो हैं ही लेकिन नुकसान भी हैं. यह पहचान तो देता है लेकिन कभी-कभी उसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है.
एक अंग्रेजी न्यूजपेपर के मुताबिक दिल्ली के एक प्रोफेसर ने बेंगलुरु में एक एमएनसी एक्जीक्युटिव का लैपटॉप उड़ा लिया. लेकिन सोशल मीडिया के कारण पकड़ में आ गया. अब उसे गिरफ्तार किया जाएगा और मुकदमा चलेगा.
पत्र के मुताबिक दिल्ली के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने बेंगलुरु एयरपोर्ट में एक लैपटॉप पड़ा देखा और उन्होंने उसे उठा लिया. इसके बाद वह दिल्ली चले आए. जिस व्यक्ति का वह लैपटॉप था, उसने वहां तैनात सीआईएसएफ से शिकायत की. एमएनसी एक्जीक्युटिव ने बताया कि 22 फरवरी को उसका लैपटॉप सिक्योरिटी चेक के बाद से उस एरिया से गायब हो गया. सीआईएसएप कर्मियों ने सीसीटीवी फुटेज से उस लैपटॉप की खोज की तो उन्हें पता चला कि एक व्यक्ति ने उस लैपटॉप को उठा लिया है. सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति उस लैपटॉप को अपने बैग में रखता दिखाई दिया.
उस व्यक्ति के मूवमेंट को ध्यान से देखा गया तो पता चला कि वह किस फ्लाइट को पकड़ रहा है. सीआईएसएफ ने उस एयरलाइंस से सभी 129 यात्रियों की सूची मांगी. उनमें से तीन पर संदेह था. उन सभी के नाम गूगल में डाले गए. फिर उनके नाम और अन्य डिटेल लिंक्डइन में मैच कराए गए. इससे पता चल गया कि किस यात्री ने लैपटॉप उठाया था.
सीआईसीएफ के एक्सपर्ट ने तमाम सबूतों के साथ उस प्रोफेसर से पूछताछ की तो उसने लैपटॉप चुराना स्वीकार कर लिया. सीआईएसएफ ने उस प्रोफेसर के घर से लैपटॉप बरामद कर लिया. उस पर चोरी का आरोप लगाया गया है. अब बेंगलुरु पुलिस की एक टीम उसके घर पहुंचकर उसे गिरफ्तार करेगी.