नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ मच गई. हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. मरने वालों में 9 महिलाएं, 4 पुरुष और 5 बच्चे हैं. इनमें सबसे ज्यादा बिहार के 9, दिल्ली के 8 और एक हरियाणा का रहने वाला है. यह घटना रात करीब 10 बजे के आसपास प्लेटफार्म 13 और 14 पर हुई. घटना के वक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ में जाने के लिए स्टेशन पर एकत्रित हो रहे थे. इस बीच, नई ट्रेन की घोषणा के बाद भगदड़ मच गई. शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि ट्रेनों में देरी से भीड़ का दबाव बढ़ रहा था. नई ट्रेन की घोषणा से यात्री प्लेटफार्म 16 पर जाने के लिए भागने लगे.
रेलवे पुलिस और दिल्ली पुलिस ने घायलों को एलएनजेपी और लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया. इधर, रविवार सुबह रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और घटना के बारे में ब्रीफिंग दी. उसके बाद वैष्णव रेल मंत्रालय पहुंचे और अफसरों के साथ बैठक की. वहीं, जांच टीम भी प्लेटफार्म पर पहुंची और घटना के सबूत जुटाए.
भगदड़ मामले में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, घटना के लिए रेल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार है. मैं कई सालों से कह रहा हूं- जब भी दुनिया में कहीं भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो घायलों में बड़ी संख्या में बिहार के लोग होते हैं. नीतीश कुमार के लिए बिहार के लोगों की जान की कीमत 2 लाख रुपये है.
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने घटना पर दुख जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में मारे गए लोगों के प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. यह एक टाली जा सकने वाली त्रासदी थी. जो हुआ उसे बीजेपी सरकार छिपाने की कोशिश कर रही है. इसके बजाय यह किए जाने की जरूरत है...
1. हादसे की जांच के लिए एक स्वतंत्र, न्यायिक निगरानी वाली एसआईटी नियुक्त की जाए.
2. भारतीय रेलवे की प्रणालीगत विफलताओं की स्वतंत्र जांच की जाए.
भगदड़ मामले में रेलवे प्रशासन एक्टिव हो गया है और टीमें जांच में जुट गई है. मुख्य सुरक्षा आयुक्त पंकज गंगवार और प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक नरसिंह देव समेत सीनियर अधिकारी रविवार दोपहर प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर पहुंचे. हादसा कैसे हुआ? इस संबंध में जानकारी ली. जांच टीम के सीनियर अधिकारी उसी सीढ़ियों पर पहुंचे, जहां भगदड़ हुई थी. दरअसल, रेलवे ने जांच के लिए पंकज गंगवार और नरसिंह देव को जिम्मेदारी दी है. (इनपुट- अरविंद ओझा)
भगदड़ मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कल रात हुई भगदड़ के बाद सरकार की सारी परतें खुल गई हैं. रेल प्रशासन और रेल मंत्री इस खबर को दबाने की कोशिश कर रहे थे. वे लगातार ट्वीट कर रहे थे कि कोई भगदड़ नहीं हुई, बस लोगों की भारी भीड़ थी. जब दिल्ली के एलजी ने मृतक के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए ट्वीट किया तो उनसे अपना ट्वीट एडिट करने के लिए कहा गया. सरकार को जानमाल का नुकसान कम करने की नहीं, बल्कि खबरों को फैलने से रोकने की चिंता है. उन्हें सिर्फ अपनी छवि की चिंता है, जनता की नहीं. महाकुंभ में आने वाले करोड़ों लोगों की आस्था की कीमत पर उन्हें अपनी छवि की चिंता है. कोई व्यवस्था नहीं है. हमें पता चला कि प्लेटफार्म थोड़ी देर के लिए बंद किया गया था और भगदड़ के सभी सबूत मिटा दिए गए हैं. हमारी मांग है कि घटना की सीसीटीवी फुटेज जारी की जाए. ट्रेनों के आगमन के लिए की जा रही घोषणाओं में कन्फ्यूजन था.'
एलएनजेपी अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि अधिकांश घायलों को निचले अंगों में चोट लगी हैं. कुछ को हड्डी में चोटें आई हैं. चार लोग निगरानी में हैं. बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है. अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है. 15 डॉक्टरों की टीम घायल मरीजों की देखभाल कर रही है.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर दुख जताया है. अखिलेश ने एक्स पर लिखा, 'दिल्ली में महाकुंभ के श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हृदयविदारक है. सरकार में बैठे लोगों को राजनीतिज्ञ नहीं, एक उस परिवारवाले की तरह सोचना होगा जिसने अपने मां-बाप, भाई-बहन, बच्चे और नाते-रिश्तेदार खोये हैं. मृतकों के शवों को ससम्मान उनके परिजनों तक पहुंचाने का ईमानदार इंतजाम किया जाए और घायलों को सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराया जाए. भाजपा सरकार मौत का सच छुपाने का पाप ना करे.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार सुबह गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे. उन्होंने गृह मंत्री को घटना के बारे में जानकारी दी. उसके बाद वे रेल मंत्रालय पहुंचे और अफसरों के साथ बैठक कर रहे हैं. इस बीच, खबर है कि रेलवे की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है. सभी सीसीटीवी कैमरों को सील कर सुरक्षित कर दिया गया है. मुख्य सुरक्षा आयुक्त पंकज गंगवार और प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक नरसिंह देव जांच दल का नेतृत्व करेंगे. (इनपुट- हिमांशु मिश्रा/ पीयूष मिश्रा)
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. उन्होंने गृह मंत्री को शनिवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की घटना के बारे में जानकारी दी है. बता दें कि शनिवार रात को स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के मामले में बीजेपी प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, हम आश्वस्त करते हैं कि जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी. वहीं, लालू प्रसाद यादव के बयान पर अजय आलोक ने कहा, इन नेताओं को राजनीतिक बयान देने की आदत है. ये राजनीतिक गिद्ध हैं. क्या किसी ने अस्पताल में घायल यात्रियों से मुलाकात की? नहीं.
AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुखद भगदड़ ने हम सभी को झकझोर कर रख दिया है. महिलाओं और बच्चों समेत कई निर्दोष लोगों की जान चली गई है. यह हादसा घोर कुप्रबंधन और भीड़ नियंत्रण उपायों की कमी का एक ज्वलंत उदाहरण है. 11 फरवरी को मैंने इस मुद्दे को संसद में उठाया था और रेलवे स्टेशनों पर बेहतर प्रबंधन प्रोटोकॉल की तत्काल जरूरत के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया. पीड़ितों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए तत्काल सुधार की जरूरत है.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मामले में बिहार सरकार ने दुख जताया है और मरने वाले बिहार के लोगों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. घायलों को 50 हजार की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर दुख जताया है. (इनपुट- शशि भूषण)
दिल्ली भगदड़ पर आरजेडी सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू यादव का एक और बयान आया है. उन्होंने कहा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस्तीफा देना चाहिए. दिल्ली में बहुत दुखद हुआ है. लापरवाही है. बहुत बड़ा हादसा हुआ है. पिछले दिनों महाकुंभ में भी हादसा हुआ था, वो आस्था का जगह है. केंद्र की सरकार दोषी है. केंद्र की सरकार को अच्छा व्यवस्था करना चाहिए था.
RJD चीफ लालू प्रसाद यादव के बयान पर जदयू नेता राजीव रंजन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, मैं पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. दुख की घड़ी में लालू यादव को महाकुंभ पर राजनीति करने के बजाय इस पर बात करनी चाहिए कि हम पीड़ितों की मदद कैसे कर सकते हैं. HAM प्रमुख जीतनराम मांझी ने कहा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए दर्दनाक हादसे की खबर बेहद स्तब्ध करने वाली है. इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना है. ईश्वर इस कठिन समय में संबल दे और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, अव्यवस्था और भगदड़ के कारण हुई असामयिक मौतों से मन व्यथित है. इतने सरकारी संसाधनों के बावजूद भगदड़ में श्रद्धालुओं की जाने जा रही है. डबल इंजन सरकार इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की लीपापोती कर PR करने में व्यस्त है. आमजनों और श्रद्धालुओं की बजाय सरकार का ध्यान मीडिया प्रबंधन, VIP लोगों की सुविधा और उनकी व्यवस्था तक ही सीमित है. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान करने और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.
इंडियन रेलवे के वेटर राजू चौबे भी इस पूरे हादसे के चश्मदीद गवाह हैं. उन्होंने आजतक के साथ बातचीत में कहा, भगदड़ इसलिए मची क्योंकि लोग अचानक प्लेटफॉर्म नंबर 14 से प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर जाने लगे थे. आमतौर पर प्लेटफार्म 14 और 16 पर महाकुंभ के लिए निर्धारित स्पेशल ट्रेनें आती हैं. प्लेटफार्म 14 पर महाकुंभ जाने वाली ट्रेन लेट हो गई, तभी अनाउंसमेंट हुआ कि प्लेटफार्म 16 पर प्रयागराज से एक ट्रेन आ रही है. लोग भ्रमित हो गए और सोचा कि यह ट्रेन जो प्लेटफार्म 16 पर प्रयागराज से आ रही है, वह वापस महाकुंभ के लिए जाएगी. इस बीच, हंगामा हुआ, जिससे भगदड़ मच गई. कहते हैं कि मौके पर पुलिस की मौजूदगी भी कम थी. स्टॉल में राजू के सहायक का कहना है कि दो दिन पहले भी भीड़ बहुत थी, फिर भी वे नहीं सीख पाए कि प्रबंधन कैसे करना है. (इनपुट- श्रेया चटर्जी)
रेलवे ने बताया कि हादसे के साथ स्थिति तुरंत सामान्य हो गई थी. कोई भी ट्रेन रद्द नहीं की गई. ट्रेनों का कोई समय नहीं बदला गया. कोई प्लेटफॉर्म नहीं बदला गया. हमने अतिरिक्त विशेष ट्रेनें चलाईं हैं. मौके पर सामान्य भीड़ थी. फुटओवर ब्रिज पर एक यात्री के फिसल जाने के बाद ही यह घटना घटी. अब स्थिति बिल्कुल सामान्य है. ट्रेनों का परिचालन सुचारु रूप से चल रहा है.
बसपा प्रमुख मायावती ने हादसे पर दुख जताया. उन्होंने कहा, प्रयागराज महाकुंभ जाने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़ के बीच रेलवे की गंभीर लापरवाही के कारण भगदड़ मची. इसमें काफी लोगों की मौत हुई और घायल हुए हैं. घटना बेहद दुखद है. पीड़ितों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे और पीड़ितों की पूरी मदद भी करे.
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मामले में पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने प्रतिक्रिया दी है. लालू यादव ने कहा, 'घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और मैं पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. यह रेलवे का कुप्रबंधन है जिसके कारण इतने सारे लोगों की जान चली गई. रेल मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए. कुंभ का कहां कोई मतलब है. फालतू है कुंभ.'
भगदड़ में मौत मामले में दिल्ली पुलिस भी एक्शन में है. पुलिस अब रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी. सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. वो सीसीटीवी फुटेज का एनालिसिस करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भगदड़ से पहले क्या हुआ था? पुलिस सूत्र ने बताया कि हमारा मुख्य लक्ष्य उस मुख्य कारण की जांच करना है जिसके कारण भगदड़ हुई. हम सीसीटीवी फुटेज और उस दौरान की गई घोषणाओं के सभी डेटा एकत्र करेंगे. सूत्र ने कहा कि संभव है कि प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई होगी और भगदड़ के हालात बन गए होंगे. स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 14 और 15 पर महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें जानी थीं.
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा, कल जब यह दुखद घटना हुई, उस समय पटना की ओर जाने वाली मगध एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर खड़ी थी और जम्मू की ओर जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति प्लेटफॉर्म नंबर 15 पर खड़ी थी. इस दौरान प्लेटफॉर्म 14-15 की ओर आ रहा एक यात्री फिसलकर सीढ़ियों पर गिर गया और उसके पीछे आ रहे कई यात्री चपेट में आ गए और यह दुखद घटना घटी. इसकी जांच उच्च स्तरीय कमेटी कर रही है. (इनपुट- पीयूष मिश्रा)
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के बाद यूपी में जीआरपी हाई अलर्ट पर है. यूपी के सभी रेलवे स्टेशन पर हाई अलर्ट जारी किया गया है. एडीजी रेलवे प्रकाश डी ने सभी जीआरपी के पुलिसकर्मियों को स्टेशन पर मौजूद रहने का आदेश दिया है. उन्होंने निर्देश दिए कि आरपीएफ और रेलवे के साथ समन्वय कर जीआरपी व्यवस्था को सुनिश्चित रखे. रेलवे स्टेशनों पर किसी भी तरह की भीड़ में अफरा-तफरी ना हो. रेलवे फुटओवर ब्रिज पर भी जीआरपी के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है. प्रयागराज जाने के लिए चल रहीं सभी स्पेशल ट्रेन के प्लेटफार्म पर विशेष तौर पर निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं. संगम स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए समन्वय बनाए रखें. अगले 24 घंटे बेहद अहम हैं. सभी पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशनों और आसपास पर मौजूद रहेंगे. (इनपुट- संतोष शर्मा)
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ का क्या कारण है? यह सवाल हर किसी के जेहन में है और इसका जवाब जानना चाहता है. भगदड़ पर जांच की शुरुआती रिपोर्ट आजतक के हाथ लगी है. रिपोर्ट के अनुसार, विशेष ट्रेन की घोषणा के कारण रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई थी. जांच रिपोर्ट और स्थिति से परिचित सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लगातार भीड़ बढ़ रही थी. हालात यह थे कि एक घंटे के अंदर 1500 टिकट खरीदे जा रहे थे. बड़ी संख्या में भीड़ महाकुंभ जाने वालों की थी. जबकि प्रयागराज जाने वालीं दो स्पेशल ट्रेनें देरी से चल रही थी. ऐसे में रेलवे ने एक और प्रयागराज स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया और प्लेटफॉर्म नंबर 16 से जाने की घोषणा कर दी. ऐसे में अन्य प्लेटफॉर्म पर इंतजार में बैठे लोग स्पेशल ट्रेन में सवार होने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर जाने के लिए भागने की कोशिश करने लगे. स्थिति पर काबू नहीं पाया जा सका. सूत्रों का कहना है कि प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालु प्लेटफॉर्म 14 पर बैठे थे और स्पेशल ट्रेन आने का इंतजार कर रहे थे. जबकि इससे सटे प्लेटफॉर्म नंबर 13 पर बिहार के लिए ट्रेन जानी थी. अनाउंसमेंट के बाद भीड़ प्लेटफॉर्म 16 पर पहुंचने के लिए भागने लगी और लोग इसकी चपेट में आ गए. (इनपुट- अरविंद ओझा)
भदगड़ मामले में रेलवे स्टेशन पर एक कुली ने बताया कि मैं 1981 से कुली का काम कर रहा हूं. मैंने पहले कभी इस तरह की भीड़ नहीं देखी. प्रयागराज स्पेशल को प्लेटफॉर्म नंबर 12 से रवाना होना था, लेकिन इसे प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर शिफ्ट कर दिया गया. जब प्लेटफॉर्म नंबर 12 पर इंतजार कर रही भीड़ और बाहर इंतजार कर रही भीड़ ने प्लेटफॉर्म 16 पर पहुंचने की कोशिश की तो लोग आपस में टकराने लगे और एस्केलेटर और सीढ़ियों पर गिर गए. भीड़ को रोकने के लिए कई कुली वहां जमा हो गए. हमने कम से कम 15 बॉडी को देखा और एम्बुलेंस में रखवाया. प्लेटफॉर्म पर हर तरफ जूते और कपड़े बिखरे पड़े थे. हमने पुलिस, फायर टेंडर को बुलाया और 3-4 एम्बुलेंस वहां पहुंचीं और लोगों को अस्पताल ले जाया गया.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख जताया है. राहुल ने एक्स पर लिखा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने से कई लोगों की मृत्यु और कईयों के घायल होने की खबर अत्यंत दुखद और व्यथित करने वाली है. शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं. यह घटना एक बार फिर रेलवे की नाकामी और सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती है. प्रयागराज जा रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए स्टेशन पर बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए थे. सरकार और प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि बदइंतजामी और लापरवाही के कारण किसी को अपनी जान न गंवानी पड़े.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने घटना पर दुख जताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ की वजह से मची भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें. शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं.
सूत्रों के मुताबिक, हादसे के वक्त नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर RPF के जवानों की संख्या कम थी. चूंकि, बड़ी संख्या में RPF के जवानों को प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के लिए भेजा गया है. (इनपुट- अरविंद ओझा)
रेलवे स्टेशन पर कुली सुगन लाल मीणा से आजतक ने बातचीत की. मीणा ने बताया कि मैंने अपने साथियों के साथ 15 लाशें निकालीं और एम्बुलेंस में रखीं. मैं 1981 से यहां कुली का काम कर रहा हूं. इतनी भीड़ कभी नहीं देखी है. प्लेटफॉर्म चेंज हुआ, जिससे भगदड़ मच गई. लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए. लाशें देखने के बाद खाना नहीं खा पाया. (इनपुट- अरविंद ओझा)
भगदड़ मामले में रेलवे प्रशासन ने मुआवजे का ऐलान किया है और वितरण भी शुरू कर दिया है. मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जा रहा है. जबकि गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपए दिए जा रहे हैं. इसके अलावा, मामूली रूप से घायलों को एक लाख रुपए का मुआवजा दिया जा रहा है.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मामले में एक और प्रत्यक्षदर्शी रवि ने बताया कि भगदड़ रात करीब 9:30 बजे मची. प्लेटफॉर्म नंबर 13 पर मौजूद लोगों ने प्लेटफॉर्म 14 और 15 पर ट्रेनें देखीं तो वे इन प्लेटफॉर्मों की ओर बढ़ गए. ट्रेनों के प्लेटफॉर्म नहीं बदले गए, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उसे नियंत्रित नहीं किया जा सका.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आज तक से बातचीत में कहा, मैं महाकुंभ से आ रहा हूं. रेलवे स्टेशन पर अभी उतरा हूं. स्टेशन पर घटना की जानकारी मिली तो उतर कर देखा. हादसा बेहद दुखद है. सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं. (इनपुट- अरविंद ओझा)
1. आहा देवी (79 वर्ष) पत्नी रविन्दी नाथ निवासी बक्सर, बिहार
2. पिंकी देवी (41 वर्ष) पत्नी उपेन्द्र शर्मा निवासी संगम विहार, दिल्ली
3. शीला देवी (50 वर्ष) पत्नी उमेश गिरी निवासी सरिता विहार, दिल्ली
4. व्योम (25 वर्ष) पुत्र धर्मवीर निवासी बवाना, दिल्ली
5. पूनम देवी (40 वर्ष) पत्नी मेघनाथ निवासी सारण, बिहार
6. ललिता देवी (35 वर्ष) पत्नी संतोष निवासी परना, बिहार
7. सुरुचि पुत्री (11 वर्ष) मनोज शाह निवासी मुजफ्फरपुर, बिहार
8. कृष्णा देवी (40 वर्ष) पत्नी विजय शाह निवासी समस्तीपुर, बिहार
9. विजय साह (15 वर्ष) पुत्र राम सरूप साह निवासी समस्तीपुर, बिहार
10. नीरज (12 वर्ष) पुत्र इंद्रजीत पासवान निवासी वैशाली, बिहार
11. शांति देवी (40 वर्ष) पत्नी राज कुमार मांझी निवासी नवादा, बिहार
12. पूजा कुमार (8 वर्ष) पुत्री राज कुमार मांझी निवासी नवादा, बिहार
13. संगीता मलिक (34 वर्ष) पत्नी मोहित मलिक निवासी भिवानी, हरियाणा
14. पूनम (34 वर्ष) पत्नी वीरेंद्र सिंह निवासी महावीर एन्क्लेव, दिल्ली
15. ममता झा (40 वर्ष) पत्नी विपिन झा निवासी नांगलोई, दिल्ली
16. रिया सिंह (7 वर्ष) पुत्री ओपिल सिंह निवासी सागरपुर, दिल्ली
17. बेबी कुमारी (24 वर्ष) पुत्री प्रभु साह निवासी बिजवासन, दिल्ली
18. मनोज (47 वर्ष) पुत्र पंचदेव कुशवाह निवासी नांगलोई, दिल्ली
(इनपुट- हिमांशु मिश्रा)
'समय पर मिलता इलाज तो बच जाती जान', रिश्तेदार को खोने वाले शख्स ने बताई NDLS भगदड़ की आपबीती
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भीड़ हद से ज्यादा थी. लोग (फुट ओवर) ब्रिज पर जमा थे. इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी. मैंने त्योहारों के दौरान भी रेलवे स्टेशन पर इतनी भीड़ नहीं देखी. प्रशासन के लोग और यहां तक कि एनडीआरएफ के जवान भी वहां मौजूद थे, लेकिन जब भीड़ हद से ज्यादा हो गई तो उन्हें नियंत्रित करना संभव नहीं रहा.
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया है. राष्ट्रपति के ऑफिस ने एक्स पर लिखा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में लोगों की मौत के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ है. मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.
रेलवे बोर्ड में इंफॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दिलीप कुमार ने रविवार को बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ मामले की जांच करने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए दो सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ को लेकर रविवार को केंद्र पर तीखा हमला बोला और ऐसी स्थितियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की. उन्होंने सरकार से मौतों और घायलों की सटीक संख्या का तत्काल खुलासा करने को कहा.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ से कई लोगों की मृत्यु हो जाने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। स्टेशन से आ रहे वीडियो बेहद हृदयविदारक है।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) February 15, 2025
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई मौतों के मामले में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा सच्चाई छिपाने की कोशिश बेहद शर्मनाक व निंदनीय है।
हमारी मांग है…
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात मची भगदड़ में मौतों का आंकड़ा 18 हो गया है. जान गंवाने वालों में 9 महिलाएं, 5 बच्चे और 4 पुरुष शामिल हैं. घायलों का एलएनजेपी और लेडी हार्डिंग अस्पताल में इलाज चल रहा है. एलएनजेपी अस्पताल में इलाजरत सभी घायलों की हालत स्थिर है.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली की कार्यवाहक सीएम और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने एलएनजेपी अस्पताल का दौरा किया, जहां घायलों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. उन्होंने घायलों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, 'जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है. यह एक दुखद घटना है. हमारे दो विधायक यहां हैं. मैंने अस्पताल प्रबंधन से कहा है कि अगर किसी पीड़ित परिवार को किसी तरह की मदद की जरूरत है तो हमारे विधायकों को बताएं. 4-5 मरीजों को जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी... एलएनजेपी अस्पताल में 15 लोगों को मृत लाया गया था, और इतनी ही संख्या में घायल भी यहां भर्ती हैं. दो शवों की पहचान अभी तक नहीं हुई है.'
महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं की नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में दर्दनाक मौत अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। LNJP अस्पताल पहुँचकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। कई लोग घायल भी हैं, जिनका इलाज जारी है। पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हमारे दो विधायक अस्पताल में ही मौजूद हैं।
— Atishi (@AtishiAAP) February 15, 2025
इस… pic.twitter.com/4vwsW0SLre
#WATCH | Stampede at New Delhi railway station | Delhi's caretaker CM & AAP leader Atishi says, "Those who lost their lives, their families have been informed. It's a sad incident. Our two MLAs are here. I have asked hospital management to let our MLAs know if any of the victim's… pic.twitter.com/HrsJNgkSd5
— ANI (@ANI) February 15, 2025
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भगदड़ के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और एलएनजेपी अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने डॉक्टरों और अधिकारियों से बात की है और उचित निर्देश दिए हैं. दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने विभिन्न अस्पतालों में एक बड़ी मेडिकल टीम तैनात की है और रेलवे ने प्रयागराज के लिए तीन विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है.
Stampede at New Delhi railway station | Delhi BJP President Virendraa Sachdeva visited New Delhi Railway Station and LNJP Hospital. Virendra Sachdeva stated that Union Health Minister Jagat Prakash Nadda has spoken to doctors and officials and has given appropriate instructions.… https://t.co/qJ1ccP4Cr1
— ANI (@ANI) February 15, 2025
एलएनजेपी अस्पताल सूत्रों के मुताबिक 6 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया है, 9 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज भेजा गया है. सभी घायलों की हालत स्थिर है. वहीं लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में दो घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 पहुंच गई है. दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने बताया कि कम से कम 25 घायलों का इलाज एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा है. लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल ने 15 लोगों की मौत की पुष्टि की, जबकि दो अन्य की लेडी हार्डिंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने एलएनजेपी हॉस्पिटल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि अस्पताल में 20 से 25 लोग भर्ती हैं. उनका इलाज किया जा रहा है. हमारा प्रयास है कि उन्हें पूरी तरह ठीक करके घर भेजें. दिल्ली पुलिस भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मोर्चा संभाले हुए है. स्थिति अब नियंत्रण में है.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना पर एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, 'भीड़ को नियंत्रित करने वाला कोई नहीं था. घोषणा की गई कि प्लेटफॉर्म नंबर 12 पर आने वाली ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर आएगी. इसलिए दोनों तरफ से भीड़ आ गई और भगदड़ मच गई. कुछ लोगों को अस्पताल ले जाया गया.'
#WATCH | Stampede at New Delhi Railway Station | "...There was no one to control the crowd...It was announced that the train coming on platform number 12 will come on platform number 16. So the crowd came from both sides and a stampede occurred...some people were taken to the… pic.twitter.com/JRYFQ3prHT
— ANI (@ANI) February 15, 2025
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. घायलों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ से व्यथित हूं. मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है. मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल शीघ्र स्वस्थ हों. अधिकारी उन सभी लोगों की सहायता कर रहे हैं जो इस भगदड़ से प्रभावित हुए हैं.'
Distressed by the stampede at New Delhi Railway Station. My thoughts are with all those who have lost their loved ones. I pray that the injured have a speedy recovery. The authorities are assisting all those who have been affected by this stampede.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 15, 2025
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. घायलों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी घायलों से मिलने एलएनजेपी अस्पताल जा रही हैं.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 15 लोगों की मौत के बाद, प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों और विभिन्न प्लेटफार्मों पर प्रशासन मुस्तैद है. प्रयागराज स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी भीड़ है. प्लेटफार्म पर रेलवे और यूपी पुलिस मोर्चा संभाले हुए है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से दुखद खबर आ रही है. रेलवे प्लेटफॉर्म पर भगदड़ के कारण लोगों की मौत से मैं बेहद दुखी हूं. दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.'
Devastating news from New Delhi Railway Station. I am extremely pained by the loss of lives due to stampede on Railway platform. In this hour of grief, my thoughts are with the bereaved families. Praying for the speedy of the injured.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) February 15, 2025
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने X पर पोस्ट में लिखा, 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था और भगदड़ के कारण लोगों की जान जाने और घायल होने की एक दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना हुई है. इस त्रासदी के पीड़ितों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. मुख्य सचिव को राहत कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया गया है. मुख्य सचिव और पुलिस कमिश्नर को घटनास्थल पर रहने और राहत उपायों पर नियंत्रण रखने का निर्देश दिया है. मैं लगातार ऑपरेशन पर नजर रख रहा हूं.'
There has been an unfortunate incident at New Delhi Railway Station.
— LG Delhi (@LtGovDelhi) February 15, 2025
Have spoken to Chief Secretary & Police Commissioner and asked them to address the situation.
CS has been asked to deploy relief personnel.
Have instructed CS & CP to be at the site and take control of…
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आज रात करीब 10 बजे प्लेटफार्म नंबर 13 और 14 के पास अभूतपूर्व भीड़ की स्थिति पैदा हो गई. अचानक हुई इस भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ यात्री बेहोश हो गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की अफवाह फैल गई. इससे लोगों में दहशत फैल गई. बाद में भीड़ की स्थिति को कम कर स्थिति को नियंत्रित किया गया. अभूतपूर्व भीड़ को निकालने के लिए उत्तर रेलवे ने तुरंत 4 विशेष ट्रेनें चलाईं. अब भीड़ कम हो गई है. इस बीच, बेहोश और घायल यात्रियों को आरपीएफ और दिल्ली पुलिस द्वारा नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर रेलवे द्वारा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
भगदड़ मामले को लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की घटना की जांच के लिए रेलवे द्वारा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने एक एक्स पोस्ट में कहा, "नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था और भगदड़ के कारण जान-माल के नुकसान और घायल होने की दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना हुई है. इस त्रासदी के पीड़ितों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैंने मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त से बात की है और उन्हें स्थिति को संबोधित करने और उसका समाधान करने के लिए कहा है."
एलजी ने आगे कहा, "मुख्य सचिव को डीडीएमए उपायों को लागू करने और राहत कर्मियों को तैनात करने के लिए कहा गया है. सभी अस्पताल संबंधित आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार हैं. मैंने मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को घटनास्थल पर रहने और राहत उपायों को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है. मैं लगातार ऑपरेशन की निगरानी कर रहा हूं."
नार्दर्न रेलवे ने एक बयान जारी कहा, "नई दिल्ली स्टेशन पर भारी भीड़ की स्थिति नियंत्रण में है. दिल्ली पुलिस और आरपीएफ मौके पर पहुंच गई है. घायलों को अस्पताल ले जाया गया है. अचानक हुई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं."
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रयागराज जाने के लिए भारी भीड़ जमा थी, जब भगदड़ मची. स्थानीय लोगों ने बताया कि हालात कैसे खराब हुए. भारी संख्या में लोग सीढ़ियों पर थे, जब भीड़ बेकाबू हो गई. हादसे के बाद सीढ़ियों पर लोगों चप्पल-जूते और उनके कपड़े देखे जा सकते हैं.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की घटना पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (एनडीएलएस) पर स्थिति नियंत्रण में है. दिल्ली पुलिस और आरपीएफ मौके पर पहुंच गई है. घायलों को अस्पताल ले जाया गया है. अचानक हुई भीड़ को निकालने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं."
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ जमा होने के बाद भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए. रेलवे ने बताया कि अप्रत्याशित रूप से अचानक आई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 4 विशेष ट्रेनें चलाई गईं. अब भीड़ कम हो गई है.
दिल्ली की पूर्व सीएम और कालकाजी विधायक आतिशी ने कहा, "महाकुंभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के साथ इस तरह की घटना बेहद दुखद है. लोगों की सुरक्षा की ना केंद्र सरकार को कोई फ़िक्र है और ना ही आगे यूपी सरकार को. ना प्रयागराज में कोई व्यवस्थाएं हैं और ना ही देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यातायात के कोई ठोस इंतज़ाम हैं. रेलवे विभाग से मेरा विनती है कि लोगों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाएं."
रेलवे पीआरओ दिलीप कुमार ने बताया, "नई दिल्ली स्टेशन पर भीड़ की सूचना मिली थी. हमारे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. मेडिकल टीम मौजूद है. शाम में ज्यादा संख्या में लोग आए थे. संडे होने की वजह से भीड़ आई थी. कई गाड़ियां कुम्भ के लिए चल रही है. कोई भी ट्रेन कैंसिल नहीं हुई है. हम तात्कालिक व्यवस्थाएं कर रहे हैं.
प्रयागराज एक्सप्रेस जब प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर खड़ी थी, तब प्लेटफॉर्म पर काफी भीड़ थी. स्वर्ण त्राता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी लेट थीं और इन ट्रेनों के यात्री भी प्लेटफॉर्म नंबर 12,13 और 14 पर मौजूद थे. रेलवे ने हर घंटे CMI के हिसाब से 1500 जनरल टिकट बेचे. इसलिए भीड़ बेकाबू हो गई. प्लेटफॉर्म नंबर 14 और प्लेटफॉर्म नंबर 16 के पास एस्केलेटर के पास भगदड़ मच गई.
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रयागराज महाकुंभ जाने के लिए भारी भीड़ जमा हुई थी. इस दौरान प्लेटफार्म 12-16 तक भारी भीड़ इकट्ठा थी. इस दौरान एक घंटे तक लोग दबे रहे और कमोबेश 15 लोग घायल हुए. बताया जा रहा है कि शुरू में चार महिलाएं दम घुटने की वजह से बेहोश हो गई थीं. फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, 14-15 लोग घायल हुए हैं. उन्हें एलएनजेपी और लेडी इरविन अस्पताल ले जाया गया.