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दिल्ली स्कूल एजुकेशन रूल 121 को HC में चुनौती, कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

हाई कोर्ट में आई इस याचिका में अब केंद्र और दिल्ली सरकार के जवाब से ही साफ होगा कि नौकरी से बर्खास्तगी गलत होने पर मुकदमे के दौरान का वेतन और भत्ता तय करने का अधिकार दिल्ली स्कूल ट्रिब्यूनल को दिया जाए या नहीं.

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हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

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दिल्ली स्कूल एजूकेशन रूल 121 को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है. इस रूल के मुताबिक विवाद के बाद शिक्षकों को पुराना भत्ता देने का अधिकार स्कूल प्रशासन के पास है. कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और करावल नगर के सरदार पटेल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से जवाब मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी.

दिल्ली स्कूल ट्रिब्यूनल के अधिकार का मामला
अगर कोई स्कूल किसी शिक्षक या स्कूल में काम करने वाले कर्मचारी की बर्खास्तगी अगर दिल्ली स्कूल ट्रिब्यूनल में गलत साबित होती है, तो फिर स्कूल में शिक्षक या कर्मचारी की बर्खास्तगी से दोबारा नौकरी पर रखने के दौरान की तनख्वाह ज्यादातर स्कूल नहीं देते हैं क्योंकि दिल्ली स्कूल ट्रिब्यूनल स्कूल के बर्खास्तगी के फैसले पर आदेश दे सकता है, लेकिन केस चलने के दौरान स्कूल पैसा दे या ना दे ये अधिकार ट्रिब्यूनल के पास नहीं है.

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चार टीचर्स की ओर दायर की गई याचिका
ये याचिका स्कूल के चार टीचर्स ने दायर की है. चारों टीचर्स को 2010 में अलग-अलग तारीख पर नौकरी से निकाला गया था. चारों ने अपने निष्कासन को दिल्ली स्कूल ट्रिब्यूनल में चुनौती दी. 2015 में ट्रिब्यूनल ने स्कूल के आदेश को रद्द कर दिया. इसके बाद स्कूल ने टीचर्स को पुराना भत्ता देने से इनकार किया. टीचर्स ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि स्कूल को पुराना भत्ता देने का आदेश जारी करे.

सरकार के जवाब से तय होगा अधिकार
हाई कोर्ट में आई इस याचिका में अब केंद्र और दिल्ली सरकार के जवाब से ही साफ होगा कि नौकरी से बर्खास्तगी गलत होने पर मुकदमे के दौरान का वेतन और भत्ता तय करने का अधिकार दिल्ली स्कूल ट्रिब्यूनल को दिया जाए या नहीं.

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