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DUSU चुनाव में उड़ी नियमों की धज्जियां, 16 केस दर्ज

दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव को मिनी जंग कहा जाता है. इन चुनावों में गहमागहमी इतनी ज्यादा होती है कि ये साख का सवाल भी बन जाती है. ऐसे में पावर और पैसा दोनों का इस्तेमाल भी खुलेआम हो गया है.

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पावर और पैसा दोनों का इस्तेमाल
पावर और पैसा दोनों का इस्तेमाल

दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव को मिनी जंग कहा जाता है. इन चुनावों में गहमागहमी इतनी ज्यादा होती है कि ये साख का सवाल भी बन जाती है. ऐसे में पावर और पैसा दोनों का इस्तेमाल भी खुलेआम हो गया है.

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डूसू चुनाव को लेकर गाइडलांइस भले ही जारी कर दी गई हों और आचार सहिंता लागू हो पर कैंपस में नियम कानून की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. नियम तोड़ने वाले छात्र संगठनों पर दिल्ली पुलिस ने 16 मामले भी दर्ज किए हैं.

कारों के काफिले के साथ प्रचार
डूसू चुनाव की तारीख के ऐलान के साथ ही प्रचार का दौर शुरु हो गया. संगठनों की साख दांव पर है लिहाजा प्रचार और पोस्टरबाजी में कोई पीछे नहीं रहना चाहता. डीयू की हर दीवार पोस्टर से पटी पड़ी है. छात्र कारों के काफिले के साथ कैंपस में प्रचार कर रहे हैं और ये सबकुछ तब हो रहा है जब आचार संहिता लागू हो चुकी है. डूसू चुनाव के लिए बनी लिंगदोह कमेटी का खुलेआम उल्लघंन हो रहा है.

चुनावी दौर में नियम ताक पर
गाइडलाइंस के मुताबिक वॉल ऑफ डेमोक्रेसी के अलावा डीयू में कहीं भी पोस्टर चस्पा नहीं किए जा सकते और जो पोस्टर चस्पा होगें वो भी हैंडमेड होने चाहिए लेकिन ना सिर्फ कैंपस के इर्द गिर्द बल्कि कैंपस में भी खुलेआम गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ रही है लेकिन ये दौर-ए-चुनाव है ऐसे में छात्र संगठनों के पास अपने अपने बहाने भी तैयार है.

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डूसू के सीईओ डीएस रावत ने कहा, 'डीयू में जब तक नामिनेशन फाइनल नहीं होते तब तक एक्शन किसके खिलाफ लें?

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