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दिल्ली हिंसाः HC में सुनवाई के दौरान ओवैसी और वारिस पठान के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग

दिल्ली में भड़की हिंसा के बाद बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान हिंदू महासभा के वकील वरुण सिन्हा ने असदुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की.

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Delhi Violence: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा पर सख्त दिल्ली हाई कोर्ट (तस्वीर-PTI)
Delhi Violence: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा पर सख्त दिल्ली हाई कोर्ट (तस्वीर-PTI)

  • नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में भड़की हिंसा पर हाई कोर्ट में सुनवाई
  • कपिल मिश्रा-प्रवेश वर्मा पर FIR दर्ज करने की उठी मांग
  • वारिस पठान और ओवैसी पर भी FIR दर्ज करने की मांग

दिल्ली में भड़की हिंसा को लेकर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान जाफराबाद समेत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हुई हिंसा पर अदालत में जोरदार बहस हुई. इस दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई.

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अभी इस मामले में किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना माहौल को बिगाड़ने वाला कदम होगा. लिहाजा अभी पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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सॉलिसिटर जनरल के बाद इस मामले में याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा कि अगर बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा और अनुराग ठाकुर जैसे लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करने में हिचकिचा रही है, तो इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि ये सभी सरकार का हिस्सा हैं और मिनिस्टर हैं.

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कॉलिन गोंजाल्विस के इस बयान के बाद कोर्ट में मौजूद हिंदू महासभा के वकील वरुण सिन्हा ने कहा कि इस याचिका में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं का नाम क्यों लिया गया. क्या लोगों ने टीवी पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान के बयान को नहीं देखा है. उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? इस याचिका में उन पर एफआईआर  दर्ज करने की बात क्यों नहीं कहीं गई है?

दिल्ली में शांति बहाली की अपील

इसको लेकर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि इसी तरह की चीज़ों के मद्देनजर फिलहाल हम एफआईआर दर्ज नहीं करना चाहते हैं. हम चाहते है कि दिल्ली में शांति और अमन बहाल हो. अभी इस मामले में एफआईआर दर्ज करके गिरफ्तारी करने से माहौल के और बिगड़ने को संभावना है. फिलहाल हम उस दबाव के वातावरण में हैं, जिसमें चीजों को ठंडा करना पहले जरूरी है.

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कोर्ट दिल्ली हिंसा से जुड़े जिस मामले में सुनवाई कर रहा है, उसमें कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा और अनुराग ठाकुर के भड़काऊ बयानों के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है.

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