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Delhi Violence: कूड़ा बीनने गए बुजुर्ग की मौत, बेटा बोला- पिता का धर्म पूछकर की पिटाई

दिल्ली में हिंसा अब थमने लगी है, लेकिन शुक्रवार को एक बुजुर्ग की मौत हो गई है. इस मौत को लेकर उनके बेटे का दावा है कि कुछ लोगों ने पहले उनके पिता का नाम और धर्म पूछा, फिर पिटाई कर दी. उनके पिता हिंसा के नए शिकार बने हैं.

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Delhi violenceः हिंसा में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए (फाइल-PTI)
Delhi violenceः हिंसा में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए (फाइल-PTI)

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  • बेटे का दावा-दिल्ली हिंसा की नई घटना के शिकार बने पिता
  • सलमान- कुछ लोगों ने पहले उनके पिता का नाम, धर्म पूछा

दिल्ली में अब स्थिति सामान्य होती दिख रही है. पिछले 2-3 दिनों में हिंसा की कोई नई घटना नहीं हुई है, लेकिन हिंसाग्रस्त नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में शुक्रवार को जब एक बुजुर्ग कूड़ा बीनने के लिए वहां गए और वहां उसके सिर में काफी चोट लग गई. घायल अवस्था में उसे लाया गया, लेकिन अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई. मृतक के बेटे का कहना है कि उनके पिता हिंसा के नए मामलों के शिकार हुए हैं.

अयूब शब्बीर जो गाजियाबाद के लोनी में नसबंदी कॉलोनी में अपने 18 साल के दिव्यांग बेटे सलमान अंसारी के साथ रहते थे, और कूड़ा की वजह से रोजाना 300 से 400 रुपये तक कमा लेते थे.

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बेटे का दुख- अब उसका कौन सहारा

घटना के बाद सलमान अंसारी ने कहा, 'मैंने बाहर जाने को लेकर अपने पिता को आगाह किया था लेकिन उन्होंने कहा कि स्थिति अब सामान्य हो गई है और हम लंबे समय घर नहीं बैठ सकते. ऐसे में कुछ भी नहीं कमा सकते.'

पिता की मौत से दुखी सलमान ने कहा, 'मेरे पास अब कोई नहीं है. मैं क्या करूंगा. जब वह बच्चा था तो उनकी मां ने उसे छोड़ दिया, छोटे भाई को अपने साथ ले गई थी.' सलमान ने दावा किया कि उनके पिता गुरुवार को एक हमले में बच गए थे जब कुछ लोगों ने उन्हें बाहर निकाल दिया.

सलमान ने कहा, 'मेरे पिता गुरुवार की सुबह कुछ बुजुर्ग लोगों की मदद से बचा लिए गए थे. लेकिन आज, जब मैं सो रहा था, तो वह बहुत जल्दी निकल गए. करीब सुबह 6 बजे के आसपास, दो लोग उन्हें स्कूटर पर घर ले आए. उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी. उन लोगों ने कहा कि शिव विहार और करावल नगर के बीच के क्षेत्र में उन्हें घायल अवस्था में पाया गया.

सलमान ने यह भी दावा किया कि उनके पिता ने उन्हें बताया कि कुछ लोगों ने उनसे उनका नाम और धर्म पूछा और फिर उन्हें मारा. हालांकि, उन्होंने इस बात का जिक्र नहीं किया कि कितने लोग थे या किसने उन्हें मारा था.

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'पुलिस ने मदद नहीं की'

सलमान ने कहा, 'मैंने उन्हें चाय के लिए पूछा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. जब मैंने पुलिस को फोन किया. वो आए तो जरूर, लेकिन मेरे पिता को नजदीक के अस्पताल ले जाने में मेरी कोई मदद नहीं की.

सलमान ने कहा, 'मुझे उन्हें पास के नर्सिंग होम ले जाना पड़ा, जहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा और टांके लगाए गए. लेकिन डॉक्टरों ने मुझे बताया कि उनकी चोट गंभीर है और किसी दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा. फिर उन्हें एक ऑटो रिक्शा में जीटीबी अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया.

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सलमान ने कहा, 'पिता ऑटोरिक्शा में कुछ नहीं कह रहे थे और मुझे लगा कि उनकी मौत हो चुकी है.

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हिंसा में 41 लोगों की मौत

पिछले दिनों सीएए के समर्थकों और विरोध करने वालों के बीच नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसक झड़प में 41 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए. उन्मादी भीड़ ने घरों, दुकानों, वाहनों और पेट्रोल पंप तक को आग लगा दी, साथ ही स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मियों पर पथराव किया.

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हिंसा से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, यमुना विहार, भजनपुरा, चांद बाग और शिव विहार शामिल हैं. फिलहाल स्थिति अब सामान्य होती दिख रही है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली की इस हिंसा में अब तक 123 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इस मामले में पुलिस ने अब तक 630 को या तो गिरफ्तार किया गया है या उनसे पूछताछ की जा रही है.

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