दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्ला खान के कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं के मामले में विशेष ऑडिट शुरू किया है. अधिकारियों ने इस बारे में विशेष जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले की जांच के लिए चार सदस्य टीम बनाई गई है, जो वक्फ बोर्ड के प्रमुख के तौर पर मार्च 2016 से मार्च 2020 के दौरान खान के कार्यकाल के रिकॉर्ड का ऑडिट कर रही है.
इस संबंध में पिछले महीने, प्रधान सचिव (राजस्व) के दफ्तर से दिल्ली वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एक पत्र भी लिखा गया है.
मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लिखे पत्र के मुताबिक, ''दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर अमानतुल्ला खान द्वारा की गई अनियमितताओं से संबंधित विशेष ऑडिट होगा जो मार्च 2016 से मार्च 2020 तक प्रभावी है.''
ओखला से आप विधायक अमानतुल्ला खान ने भी विशेष ऑडिट कराए जाने की पुष्टि है. हालांकि उन्होंने इसपर किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है. खान को सर्वसम्मति से वक्फ बोर्ड का सदस्य चुना गया है लेकिन उनके चुनाव को सरकार ने अभी अधिसूचित नहीं किया है. वह इस साल शुरू में हुए विधानसभा चुनाव से पहले तक दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष थे. तब बोर्ड के सदस्य के तौर पर उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था.
प्रधान सचिव (राजस्व) के दफ्तर से लिखे खत में दिल्ली वक्फ बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि वो इससे संबंधित सभी रिकॉर्ड्स और सूचना, ऑडिट टीम को मुहैया कराएं. दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि टीम ने इस दिशा में अपना काम शुरू कर दिया है और इससे संबंधित जो भी सूचना और मदद होगी वो उपलब्ध कराया जाएगा.
बोर्ड के सदस्य के तौर पर निर्वाचित होने के बाद, अमानतुल्ला खान बोर्ड के फिर से अध्यक्ष बन सकते हैं. अगर वह बोर्ड के अध्यक्ष बनते हैं तो यह लगातार उनका तीसरा कार्यकाल होगा. खान इससे पहले 2016 में करीब छह महीने के लिए बोर्ड के अध्यक्ष रहे और फिर सितंबर 2018 से मार्च 2020 तक इस पद पर काबिज रहे.
उनके खिलाफ वर्ष 2016 के कार्यकाल के दौरान बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर सीबीआई जांच भी लंबित है. इस साल विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) ने भी खान के खिलाफ धन के दुरुपयोग का मामला भी दर्ज किया था.