Delhi Weather Update: दिल्ली में पिछले 1 हफ्ते से जबरदस्त गर्मी पड़ रही है और मौसम विभाग की मानें तो कम-से-कम अगले 1 हफ्ते तक राहत के कोई आसार भी नहीं है. दरअसल, पिछले दिनों में बारिश कम हुई है, इसलिए मौसम सूखा यानी शुष्क है. इसी वजह से हीटवेव का प्रकोप लगातार देखा जा रहा है. बुधवार को भीषण गर्मी से मामूली सी राहत मिली और उसकी वजह रही चलने वाली तेज हवाएं. इस के साथ ही एक अनूठा फैक्टर रहा, जिसने गर्मी की तीव्रता थोड़ी सी कम की. वह फैक्टर था प्रदूषण का.
दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुबह से ही राजस्थान से आने वाले धूल कण की चादर देखी जा रही है. उसने धूप को काफी कम किया और इसी वजह से तापमान 40 से लेकर 43 डिग्री के आसपास तक पहुंचा जो हाल फिलहाल में 46-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक जेनामनी बताते हैं, "अभी कोई ऐसा सिस्टम नहीं बन रहा है जो दिल्ली में बारिश करवाएं यानी 15 जून तक तो बारिश की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही है. हालांकि, 11 जून को थोड़े बहुत बादल आएंगे लेकिन उनसे बारिश होगी ऐसा नहीं लगता है."
चिंता की बात सिर्फ दिल्ली और आसपास के इलाकों यानी नॉर्थ वेस्ट इंडिया में हीटवेव को ले करके ही नहीं है. चिंता मानसून के फ्रंट पर भी बनी हुई है यानी साउथ वेस्ट भारत में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ी हुई है. सामान्य स्थिति में मॉनसून को कर्नाटक होते हुए महाराष्ट्र में दाखिल हो जाना चाहिए था लेकिन इस वक्त कर्नाटक का आधा हिस्सा भी मॉनसून के दायरे में नहीं आ पाया है. आरके जेनामनी बताते हैं, "अरब सागर की ओर से अभी कोई सिस्टम ऐसा नहीं बन रहा है जो साउथ वेस्ट इंडिया में मॉनसून को आगे बढ़ाएं लेकिन बंगाल की खाड़ी में फिलहाल मॉनसून एक्टिव दिखाई पड़ रहा है. की खूबसूरती भी यही है कि उसे हम बहुत सही तरीके से पूर्वानुमान नहीं लगा सकते. फिलहाल धीमा है लेकिन अगर सिस्टम बना तो वह अचानक एक बहुत बड़ा इलाका कवर कर सकता है."
दिल्ली से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तक मानसून 13 जून को ही पहुंच गया था लेकिन उसके बाद मॉनसून की रफ्तार अचानक रुक गई थी और दिल्ली आते आते उसे जुलाई के दूसरे हफ्ते का इंतजार करना पड़ेगा. दिल्ली में सामान्य तौर पर मानसून 29 जून को आता है लेकिन इस बार की भीषण गर्मी ऐसी है कि लोग यही उम्मीद लगा रहे हैं कि मॉनसून जल्दी दस्तक दे दे तो बेहतर होगा.