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'अपने नाम से रखना चाहते थे योजना', आयुष्मान भारत पर केजरीवाल के आरोपों पर दिल्ली LG वीके सक्सेना का बयान

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दावा किया कि आदेश देने के बावजूद केजरीवाल सरकार ने 2020-21 के बजट में योजना लागू नहीं की, जिससे गरीब तबका अब तक इससे वंचित है. सक्सेना ने दिल्ली के हेल्थ मॉडल को केवल प्रचार का जाल बताया और सीएजी रिपोर्टों को छिपाने का आरोप लगाया.

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अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर एलजी का बयान सामने आया है
अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर एलजी का बयान सामने आया है

दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आयुष्मान भारत योजना पर दिए गए बयान पर विस्तृत जवाब दिया है. उपराज्यपाल ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस योजना को दिल्ली में लागू नहीं किया, जिसके कारण लाखों दिल्लीवासी इस लाभकारी योजना से वंचित हैं.

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सक्सेना ने कहा कि केजरीवाल ने आयुष्मान भारत योजना का विरोध इसलिए किया क्योंकि वे चाहते थे कि इस योजना को उनके नाम से जोड़ा जाए. उन्होंने 2018 में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की सिफारिश का उल्लेख किया, जिसमें योजना को दिल्ली में लागू करने की मंजूरी दी गई थी. इसके बावजूद, योजना का नाम "मुख्यमंत्री आम आदमी स्वास्थ्य बीमा योजना" रखने की शर्त रखी गई, जो अंततः स्वीकार कर ली गई.

उपराज्यपाल ने दावा किया कि आदेश देने के बावजूद केजरीवाल सरकार ने 2020-21 के बजट में योजना लागू नहीं की, जिससे गरीब तबका अब तक इससे वंचित है. सक्सेना ने दिल्ली के हेल्थ मॉडल को केवल प्रचार का जाल बताया और सीएजी रिपोर्टों को छिपाने का आरोप लगाया.

उन्होंने दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों पर प्रकाश डाला, जैसे कि अस्पतालों में दवाइयों की कमी, उपकरणों की खराब स्थिति, और स्वास्थ्य सेवाओं की अपर्याप्तता. उन्होंने कहा कि अस्पताल निर्माण के लिए धन तो खर्च हुआ, लेकिन ढांचागत सुविधाएं नहीं बढ़ाई गईं.

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अंत में, उपराज्यपाल ने कहा कि योजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार तैयार थी, और दिल्ली के लोग इससे लाभान्वित होंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि केजरीवाल अब राजनीति से ऊपर उठकर इस योजना को जल्द से जल्द लागू करेंगे.

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