दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. बीते दिनों दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) द्वारका के खिलाफ पेरेंट्स ने शिक्षा निदेशालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए शिकायत दर्ज कराई कि स्कूल फीस बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को परेशान कर रहा है. इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब शिक्षा माफिया फिर से वापस आ गया. पूर्व शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी मौजूदा सरकार पर सवाल उठाए हैं.
गौरतलब है कि गुरुवार को पेरेंट्स और छात्रों ने शिक्षा निदेशालय के सामने प्रदर्शन किया था. पेरेंट्स का आरोप है कि DPS द्वारका ने फीस बढ़ाने के बाद जिन पैरेंट्स ने फीस नहीं भरी, उनके बच्चों को क्लास से निकालकर लाइब्रेरी में बैठा दिया गया. कई छात्रों को नई कक्षा का सेक्शन तक आवंटित नहीं किया गया. एक अभिभावक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हमने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इस स्कूल में दाखिला कराया, लेकिन अब स्कूल प्रबंधन खुलेआम उत्पीड़न कर रहा है. हमारे बच्चों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है.
वहीं, DPS द्वारका के खिलाफ जब शिक्षा निदेशालय में शिकायत की गई तो DE (डिप्टी एजुकेशन नॉमिनी) की रिपोर्ट में कहा गया कि छात्रों को लाइब्रेरी में बैठाने जैसी कोई घटना नहीं हुई है. इससे पैरेंट्स और अधिक नाराज हो गए और उन्होंने शिक्षा निदेशक से मिलकर पूरी जांच की मांग की. शिक्षा निदेशक ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर स्कूल दोषी पाया गया तो उचित कार्रवाई होगी.
AAP ने BJP सरकार पर साधा निशाना
मीडिया में आई इस खबर पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दस साल में हमने दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को अनाप-शनाप फीस नहीं बढ़ाने दी. शिक्षा माफिया का खात्मा किया। इनकी सरकार बनने के एक महीने में ही शिक्षा माफिया फिर से वापस आ गया. उनके इस ट्वीट के बाद आम आदमी पार्टी के दूसरे नेता भी मैदान में कूद पड़े.
AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने X पर लिखा कि निजी स्कूल बेलगाम हो चुके हैं और इनमें 82% तक की फीस बढ़ाई जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार इस मामले पर चुप्पी साधे बैठी है और शिक्षा माफिया को खुली छूट दे दी गई है.
AAP के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में सत्ता संभाले अभी दो महीने भी नहीं हुए और बीजेपी ने शिक्षा माफिया को खुला मैदान दे दिया है. हजारों माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता में हैं.
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी ने प्राइवेट स्कूलों को बेलगाम कर दिया है. फीस बढ़ाने की खुली छूट दे दी गई है और कुछ स्कूलों ने तो हद ही कर दी, 82% तक फीस बढ़ा दी है. जो अभिभावक ये बढ़ी हुई फीस नहीं दे पा रहे, उनके बच्चों को क्लास में घुसने तक नहीं दिया जा रहा. बता दें कि इस मामले में अभी बीजेपी नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
क्या हैं DPS द्वारका के पेरेंट्स की मांगें
1. फीस में अचानक हुई बढ़ोतरी को वापस लिया जाए.
2. शिक्षा निदेशालय स्कूल के वित्तीय रिकॉर्ड की फॉरेंसिक ऑडिट कराए.
3. फीस न भरने वाले छात्रों को परेशान न किया जाए.
4. 2 अप्रैल 2025 की घटना की आपराधिक जांच हो और जेजे एक्ट (Juvenile Justice Act) के तहत मामला दर्ज किया जाए.
5. 2023-24 सत्र में ली गई अधिक फीस की राशि अभिभावकों को लौटाई जाए.