दिल्ली में मुख्यमंत्री-उपराज्यपाल के बीच बढ़ते टकराव को ‘अहम’ का मामला बताते हुए AAP के निष्कासित नेता योगेंद्र यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर वास्तविक मुद्दों से बेहद अपरिपक्व तरीके से निपटने के लिए निशाना साधा.
शीर्ष नेतृत्व के साथ मतभेद सरेआम होने पर AAP से बाहर किए जाने के बाद राजनीतिक मुहिम ‘स्वराज अभियान’ चलाने वाले यादव ने यह भी कहा कि अब उन्होंने राजनीतिक दल नहीं बनाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वह AAP पर फोकस नहीं कर रहे हैं जो महज एक क्षेत्रीय पार्टी है, बल्कि उनका मंच देश में वैकल्पिक राजनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और यह बिहार और कुछ अन्य चुनावी राज्यों में कुछ उम्मीदवारों का समर्थन कर सकता है.
'केजरीवाल ने अपनाई गलत नीति...'
AAP में घटनाक्रमों से ‘ठगा हुआ’ महसूस कर रहे लोगों को उनका संगठन एकजुट कर रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की शक्तियों के मुद्दे पर केजरीवाल ने जो नीति अपनाई है वह गलत प्रभाव डालने वाली है.
केजरीवाल का नाम लिये बिना यादव ने कहा, ‘मुझे लगता है कि बहुत वास्तविक मुद्दे को बहुत ही अपरिपक्व तरीके से उठाया जा रहा है. दिल्ली को पूर्ण राज्य होना चाहिए. दिल्ली की एक निर्वाचित सरकार के पास किसी भी अन्य निर्वाचित सरकार की तरह अधिकारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण का अधिकार होना चाहिए. दुर्भाग्य है कि हमारा संविधान और कानून अभी इसकी इजाजत नहीं देता.’
वैकल्पिक राजनीति को मजबूत करने की कोशिश...
यादव ने कहा, ‘जहां हम थे और जहां हमें होना चाहिए उसमें बदलाव बहुत धैर्य, बातचीत और विनम्रता से होनी चाहिए. दुर्भाग्य से हम जो देख रहे हैं वह टकराव है, अहम का टकराव, अस्थिरता है. मुझे डर है कि वास्तविक मुद्दों से इस तरह से निपटना प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला साबित होगा.’
उन्होंने कहा, ‘स्वराज अभियान देश में वैकल्पिक राजनीति को मजबूत करने की कोशिश है लेकिन हमारे लिए राजनीति चुनाव लड़ने का लक्ष्य नहीं है और यह नहीं कि कैसे सरकार बनाई जाए.’ उन्होंने जोर दिया कि उनका फोकस बिहार या उत्तरप्रदेश में चुनावों पर नहीं है और वह यहां ‘दीर्घावधि’ के लिए आए हैं.
- इनपुट भाषा