दिल्ली समेत पूरा एनसीआर गैस चैंबर बनने के कगार पर है. पंजाब और हरियाणा में जलाई जा रही पराली एनसीआर की हवा को प्रदूषित कर चुकी है. वहीं दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल साइट पर लगी आग भी हवा में जहर की मात्रा को बढ़ा रही है. प्रदूषण की ऐसी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने सोमवार को कहा कि जरूरत पड़ी तो ऑड-इवन को फिर से लागू करेंगे.
असल में, पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली नगर निगम के तीनों आयुक्तों, प्रदूषण विभाग के अधिकारी और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों की बैठक बुलाई. इमरान हुसैन ने नगर निगम को आदेश दिया कि वह लैंडफिल साइट पर आग लगने जैसी घटना को रोकने के लिए बाड़ और हाई मास्क लाइट लगाए.
सरकार ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि अगर लैंडफिल साइट पर दोबारा आग लगी या पर्यावरण कानूनों के साथ खिलवाड़ किया गया तो डीपीसीसी नगर निगम पर कड़ा जुर्माना ठोंकने के साथ कड़ी कार्यवाही भी करेगी.
दिल्ली सरकार ने दमकल विभाग को लैंडफिल साइट के आसपास एक फायर टेंडर तैनात करने के निर्देश दिए हैं ताकि आग लगने की स्थिति में तत्काल प्रभाव से आग बुझाई जा सके. इमरान हुसैन ने 'आजतक' से कहा कि सरकार पर्यावरण से निपटने के लिए सारी तैयारियां कर चुकी है. जरूरत पड़ी तो दिल्ली वालों के लिए वह ऑड इवन भी लेकर आएगी.
दिल्ली में प्रदूषण की मोटी चादर नहीं बनने देंगे: भूरेलाल
दिल्ली में प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (EPCA) की तरफ से एक बैठक बुलाई गई जिसमें बुराड़ी और नरेला के इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रमुखों, एमसीडी अधिकारियो और इंडस्ट्री वेस्ट को डिकॉम्पोज़ करने वाली कंपनियां शामिल हुईं. बैठक की अगुवाई ईपीसीए के अध्यक्ष भूरेलाल ने की. प्रदूषण के मुद्दे पर उन्होंने इंडस्ट्री मालिकों और एमसीडी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और जुर्माना भी लगाया.
भूरेलाल की अगुआई में एक जांच दल ने दिल्ली के बुराड़ी और नरेला स्थित इंडस्ट्रियल इलाके का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कई तरह की अनियमितता देखी. इन इंडस्ट्रियल एरियाज में खाली प्लॉटों में खुले आम इंडस्ट्री वेस्ट को जलाया जा रहा था. इससे नाराज़ भूरेलाल ने बैठक में इन फैक्ट्री वेस्ट को साफ करने वाली निजी कंपनियों पर 10-10 लाख का जुर्माना लगाया और 10 दिनों के अंदर इन इलाकों की सफाई के निर्देश दिए.