कोरोना के मामलों में कमी के साथ ही अब किसानों ने आंदोलन तेज करते हुए गाजीपुर बॉर्डर पर ट्रैक्टर मार्च निकालने की बात कही है. रिहर्सल के लिए दो-दो जिलों को ट्रैक्टर मार्च लेकर गाजीपुर बॉर्डर आने का आह्वान किया गया है. पहला मार्च 25 जून शुक्रवार यानी आज गाजीपुर बॉर्डर पहुंचेगा. नरेश टिकैत की अगवानी में यह ट्रैक्टर मार्च पहुंचेगा.
भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि सहारनपुर से ट्रैक्टर मार्च शुरू हो गया है. रास्ते में इस मार्च में मुजफ्फरनगर जिले के ट्रैक्टर भी शामिल होंगे. मुजफ्फरनगर होते हुए यह ट्रैक्टर मार्च मेरठ के सिवाया टोल पहुंचेगा.
रात में ट्रैक्टर मार्च का पड़ाव सिवाया टोल पर रहेगा. शुक्रवार की सुबह 10 बजे ट्रैक्टर मार्च सिवाया टोल से गाजीपुर बॉर्डर के लिए चलेगा. भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत की अगवानी में ट्रैक्टर मार्च शुक्रवार 25 जून शाम की पांच बजे गाजीपुर बॉर्डर पहुंचेगा.
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वहीं, भारतीय भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने राकेश टिकैत ने कहा है कि किसानों का इलाज संसद में होगा और सरकार में बैठे लोगों का इलाज गांव में होगा. उन्होंने कहा हमारे देश में 12 मौसम होते हैं. अलग-अलग सूबों में भी मौसम अलग होता है. इसलिए इन्हें हर सूबे से खुराक दिलानी पड़ेगी. पहली खुराक पश्चिमी बंगाल में दी गई और उसका असर भी दिखा. दूसरी खुराक यूपी में दी जाएगी और फिर उत्तराखंड में. बीमारी बड़ी है तो इलाज भी लंबा चलेगा. 36 महीने लगेंगे, बीमारी ठीक होने में. उन्होंने कहा कि दवा लगनी शुरू हो गई, अब कोई चिंता की बात नहीं है.
टिकैत ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा कि किसान का इलाज संसद में होगा. दिल्ली में बैठी अहंकारी सरकार का इलाज गांवों में होगा यानी गांव के लोग चुनाव के जरिए इस सरकार का इलाज करेंगे. राकेश टिकैत ने कहा कि किसान के ट्रैक्टरों का मुंह आज भी दिल्ली की ओर है. हम दिल्ली जाएंगे, और बताकर जाएंगे. अभी किसान ट्रैक्टर मार्च निकालकर रिहर्सल करने में लगा है. रिहर्सल सरकार को चेताने के लिए है.