कृषि आंदोलन के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन करीब एक महीने से जारी है और इसके जल्द खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. यही नहीं बड़ी संख्या में अन्य क्षेत्रों के किसान इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं. ऐसे में दिल्ली की सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि लॉ एंड ऑर्डर का विषय चिंताजनक है, लेकिन स्थिति कंट्रोल में है.
किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली पुलिस के सामने चुनौती और बॉर्डर के हालात को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने आजतक/इंडिया से खास बातचीत में कहा, 'हमने देखा है किसान आंदोलन को तकरीबन 1 महीना हो गया है. किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है. वो रोजाना नए प्रकार से अपनी चीजें सामने रख रहे हैं. ठीक उसी तरह हर एक चुनौती के लिए दिल्ली पुलिस अपने को तैयार भी कर रही है. हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि इस नई चुनौती को भी हम अच्छी तरह संभाल पाएंगे.'
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि एक ओर किसानों की संख्या बढ़ रही है तो दूसरी ओर जवानों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है. उन्होंने कहा, 'सिर्फ 3 बॉर्डर ही नहीं तमाम बॉर्डर हैं और सभी पर नजर रखा जा रही है. हमारे लिए पूरी दिल्ली अवेलेबल है. गृह मंत्रालय ने हमें अलग से फोर्स दी है. इन सबकी डिप्लॉयमेंट की गई है, मैं पुलिस अरेंजमेंट से संतुष्ट हूं.'
उन्होंने कहा कि हमने किसानों के साथ भी एक वर्किंग रिलेशन बना रखा है ताकि उनके प्रदर्शन से रिलेटेड जानकारी हमें मिल सके. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अभी तक हमने देखा है कि किसान भी शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि लॉ एंड ऑर्डर का सब्जेक्ट चिंताजनक है, लेकिन स्थिति कंट्रोल में है. हम हर तरह की जानकारी एकत्र कर रहे हैं. अलग-अलग जांच एजेंसियों से संपर्क में हैं और जानकारी साझा की जा रही है.
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कमिश्नर श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले दिनों जो 5 आतंकी गिरफ्तार हुए थे उनका किसान आंदोलन से कोई सरोकार नहीं था. न कोई लेना-देना, जहां तक सुरक्षा की बात है तो हां हम किसानों की भी सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं कि कोई ऐसी एंटी नेशनल फोर्सेस किसी प्रकार का नुकसान न करने पाए.
बॉर्डर होने की वजह से लोगों को हो रही तकलीफों के बारे में कमिश्नर ने कहा कि 3 बॉर्डर बंद हैं. हां मैं इस बात को समझ रहा हूं कि बॉर्डर बंद होने से लोगों को तकलीफ जरूरी हो रही होगी. लेकिन इस समय हमसे जो बन पड़ रहा है, कर रहे हैं. जितनी सड़कें दिल्ली की खाली रख सकते हैं, रख रहे हैं. जितने एंट्री प्वाइंट चालू हैं हमारी कोशिश है कि वे चालू रहें. हमारा प्रयास है कि सड़कें खुली रहें ताकि जो जरूरी सामानों (दूध, दवाई आदि) की सप्लाई है वो बाधित न हो.