दिल्ली हाई कोर्ट ने 1984 सिख दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की जमानत पर रोक लगा दी है. उन्हें निचली अदालत द्वारा जमानत मिली हुई थी.
निचली अदालत ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उस मामले में जमानत दी थी, जिसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान पश्चिमी दिल्ली इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति और उसके बेटे की हत्या और दंगों के मामले में वो आरोपी थे. कुमार के खिलाफ पिछले साल दिसंबर में आरोप तय किए गए थे और मुकदमा चल रहा है. हालांकि सज्जन कुमार पहले से ही सिख दंगों से संबंधित एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.
15 जुलाई को होगी मामले में सुनवाई
निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाते हुए जस्टिस योगेश खन्ना ने 4 जून को 1984 के दंगों से संबंधित मामलों की जांच के लिए गठित एसआईटी की अर्जी पर नोटिस जारी किया है. अब हाई कोर्ट इस मामले में 15 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा.
किस मामले में है उम्रकैद की सजा?
सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दिल्ली के राजनगर में एक परिवार के पांच सदस्यों की नृशंस हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. फिलहाल वो उम्रकैद की सजा के चलते जेल में बंद हैं. ऐसे में फिलहाल उन्हें राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. उन्होंने कोर्ट से कहा था कि मेडिकल ग्राउंड पर उन्हें जमानत दी जाए.