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पहले प्रिंस तेवतिया, अब टिल्लू ताजपुरिया...19 दिन...तिहाड़ जेल में 2 गैंगवार और 2 गैंगस्टर की हत्या

देश की सबसे सुरक्षित जेल तिहाड़ अब सुरक्षित नहीं रही. यहां पिछले 19 दिन में दो गैंगवार हुईं. इन गैंगवार में दो गैंगस्टर मारे गए. 14 अप्रैल को दिल्ली के गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया की जेल में हत्या कर दी गई थी. अब टिल्लू ताजपुरिया की लोहे की रॉड घोंपकर हत्या कर दी गई.

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प्रिंस तेवतिया और टिल्लू ताजपुरिया (फाइल फोटो)
प्रिंस तेवतिया और टिल्लू ताजपुरिया (फाइल फोटो)

देश के हाई सिक्योरिटी जेल मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में फिर गैंगवार हुआ. गैंगवार में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी गई. तिहाड़ जेल में 19 दिन में ये दूसरा गैंगवार है. इससे पहले 14 अप्रैल को दिल्ली के गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया की हत्या कर दी गई थी. आज 2 मई को योगेश टुंडा और उसके साथी दीपक तीतर ने लोहे की रॉड से टिल्लू पर हमला कर दिया. इस हमले में टिल्लू की मौत हो गई. 

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14 अप्रैल: दिल्ली की तिहाड़ जेल में 14 अप्रैल को शाम 5 बजे गैंगवार हुई थी. पुलिस के मुताबिक, जेल नंबर 3 में किसी बात को लेकर दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई. इसी दौरान धारदार हथियार से चार गैंगेस्टर्स पर वार किया गया. इसमें प्रिंस तेवतिया के ऊपर 7 से 8 बार धारदार हथियार से वार किया गया. सूचना के बाद तिहाड़ प्रशासन ने तुरंत सभी घायलों को पास के डीडीयू हॉस्पिटल में एडमिट कराया. यहां इलाज के दौरान प्रिंस तेवतिया की मौत हो गई. जबकि तीन घायल हुए थे. 

मृतक गैंगस्टर प्रिंस पर लगभग 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे. हत्या का आरोप रोहित चौधरी गैंग पर लगा था. जेल सूत्रों के मुताबिक सबसे पहले प्रिंस तेवतिया ने ही रहमान पर हमला किया था. जवाबी हमले में रहमान ने प्रिंस तेवतिया पर तेजधार हथियार से वार कर दिया. तेवतिया दक्षिणी दिल्ली का गैंगस्टर था. रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी दिल्ली के ही शातिर अपराधी रोहित चौधरी से उसकी दुश्मनी चल रही थी. उसे 2019 में स्पेशल सेल ने एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था. तब उसके पैर में गोली लगी थी. हालांकि उसके बाद वो जेल से बाहर आ गया था. फिर 2021 में उसे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था.

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2 मई: टिल्लू ताजपुरिया की हत्या

तिहाड़ जेल में 19 दिन बाद फिर गैंगवार हुई. इसमें टिल्लू की हत्या हो गई. बताया जा रहा है कि 2 मई की सुबह योगेश टुंडा और उसके साथी दीपक तीतर ने लोहे की रॉड से टिल्लू पर हमला कर दिया था. इसके बाद टिल्लू को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. टिल्लू पर रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट का आरोप लगा था. इस शूटआउट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या कर दी गई थी. 

कौन था टिल्लू ताजपुरिया?

टिल्लू ताजपुरिया पहले दिल्ली की मंडोली जेल में बंद था, लेकिन जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया था. वह जेल से ही अपनी जरायम की दुनिया का कामकाज संभालता था. उसके नाम के पीछे ताजपुरिया को लेकर बताया जाता है कि वह ताजपुरिया गांव का ही रहने वाला है, इसलिए उसने अपना नाम टिल्लू ताजपुरिया कर लिया.गैंगस्टर नीरज बवानिया के जेल जाने के बाद टिल्लू और गोगी गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई काफी बढ़ गई थी. जिसकी वजह से दोनों गैंग के बीच मुठभेड़ हुई और दोनों गैंग के सदस्यों की जान गई.

क्या हुआ था रोहिणी कोर्ट में?

टिल्लू ताजपुरिया तिहाड़ जेल से कुख्यात बदमाश नवीन बाली, कौशल और गैंगस्टर नीरज बवानिया के साथ मिलकर गैंग ऑपरेट करता था. उसका नाम रोहिणी कोर्ट शूटआउट में आया था. सितंबर 2021 में रोहिणी कोर्ट में वकील की ड्रेस पहनकर आए दो हमलावरों ने जज के सामने गैंगस्टर जितेंद्र गोगी पर गोलियां बरसा दी थीं. गोगी की मौके पर ही मौत हो गई थी. हालांकि, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर भी मारे गए थे. तब टिल्लू ताजपुरिया मंडोली जेल में बंद था और उसकी गोगी गैंग से दुश्मनी थी और उसका नाम इस शूटआउट से जुड़ा था.

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