घर-घर राशन योजना को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरा है. कांग्रेस नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व खाद्य मंत्री हारून यूसुफ ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर केंद्र और केजरीवाल सरकार मिले हुए हैं. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को घर-घर राशन पहुंचाने के बजाय गरीबों के राशन कार्ड बनवाने चाहिए.
हारून यूसुफ ने कहा, 'इससे भद्दा मजाक दिल्ली के गरीबों के साथ नहीं हो सकता है. पिछले 4 साल हम सुन रहे हैं कि मुख्यमंत्री घरों में राशन पहुंचाएंगे. 2020 में एक टेंडर कैंसिल हुआ. 2021 में हुए टेंडर की फाइनेंसियल बिड का अता-पता नहीं है. इस योजना को ऐसे पेश किया जा रहा है कि जैसे गरीबों के लिए रामराज्य आ जाएगा. जबकि ये 100 परिवारों के लिए योजना है.'
कांग्रेस नेता ने कहा कि दरअसल, केजरीवाल सरकार मार्केटिंग वाली सरकार है. राशन माफिया और केरोसिन माफिया से अरविंद केजरीवाल ने नहीं कांग्रेस ने लड़ाई की थी."
उन्होंने कहा, "दिल्ली में 11 लाख 72 हजार लोगों को 6 साल से राशन कार्ड नहीं मिला है. कांग्रेस सरकार ने फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत न आने वालों के लिए अन्नश्री योजना के तहत महिलाओं के खाते में फायदा पहुंचाया था, और आम आदमी पार्टी सरकार में राशन कार्ड के नाम पर मंत्री महिलाओं का शोषण करते थे. मेरा मानना है कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार का झगड़ा नहीं बल्कि दोनों मिले हुए हैं."
बता दें कि दिल्ली सरकार का कहना है कि उसकी घर-घर राशन योजना पर केंद्र ने रोक लगा दी है जिसे वापस लिया जाना चाहिए. दिल्ली सरकार का कहना है कि गरीब आदमी को 5 किलो राशन लेने के लिए सुबह लाइन में लगना पड़ता है और उसकी पूरे दिन की दिहाड़ी बर्बाद होती है. लिहाजा दिल्ली सरकार ने स्विगी, अमेजन, जोमैटो की तरह लोगों के घर राशन पहुंचाने का प्लान तैयार किया है. लेकिन केंद्र ने उस पर रोक लगा दी है.