हरियाणा से दिल्ली तक पानी पहुंचाने वाली नहर में क्रैक हो जाने की वजह से राष्ट्रीय राजधानी में आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे करीब 30 लाख लोग प्रभावित हो सकते है. दिल्ली सरकार में जल मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को बताया कि सोनीपत के पास खुबरू और ककरोई के बीच क्रैक आया है.
उन्होंने कहा कि इस नहर की मरम्मत में 48 से 72 घंटे लगेंगे. हालांकि दिल्ली जल बोर्ड पानी की राशनिंग कर रहा है, लेकिन दिल्ली में एक बड़ी आबादी को गर्मी के इस मौसम में बड़ी असुविधा होगी.
सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया, "वर्तमान में, हरियाणा से दिल्ली को कच्चे पानी की आपूर्ति में लगभग 20 प्रतिशत की कमी है. इससे दिल्ली में करीब 30 लाख आबादी को पानी की कमी की समस्या हो सकती है."
दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, शहर को हरियाणा से 612 MGD कच्चा पानी और उत्तर प्रदेश से 253 MGD ऊपरी गंगा नहर के माध्यम से मिलता है. बाकी शहर भर में स्थापित नलकूपों और नलकूपों से निकाला जाता है.
हरियाणा से पानी की आपूर्ति दिल्ली सब ब्रांच (213 MGD), कैरियर लाइन्ड चैनल (441 MGD) और यमुना नदी (77.5 MGD) के माध्यम से की जाती है. कैरियर लाइन्ड चैनल और दिल्ली उप शाखा बवाना, द्वारका, नांगलोई, हैदरपुर, वज़ीराबाद, चंद्रावल और ओखला में सात जल उपचार संयंत्रों को कच्चे पानी की आपूर्ति करती है.
डीजेबी ने एक बयान में कहा कि बड़वासनी गांव के पास सीएलसी के एक हिस्से में क्रैक आने से महत्वपूर्ण क्षति हुई है, जिससे हैदरपुर -1, हैदरपुर -2, बवाना, नांगलोई और द्वारका जल उपचार संयंत्रों का संचालन प्रभावित हुआ है.
दिल्ली के इन इलाकों में होगी समस्या
प्रभावित क्षेत्रों में मध्य दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, राष्ट्रपति भवन, सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली उच्च न्यायालय, विभिन्न देशों के दूतावास और उत्तर और पश्चिम दिल्ली के कुछ हिस्से शामिल हैं. बयान में कहा गया है कि बोर्ड के उपाध्यक्ष सोमनाथ भारती के निर्देश पर दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है.
नहर को जोड़ने का काम जारी
बता दें कि सोनीपत के बड़वासनी गांव के पास मुनक नहर को जोड़ने का काम जारी है. सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर की सफाई करवा रहे हैं और जगह-जगह इसकी जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि आज शाम तक मुनक नहर को सफाई के बाद जोड़कर पानी चालू कर दिया जाएगा.