रेप के मामले में आसाराम आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. लेकिन जोधपुर सेंट्रल जेल में आसाराम की तबीयत बिगड़ने की वजह से उसे एम्स जोधपुर में भर्ती कराया गया. इस बीच आसाराम की इलाज के लिए अंतरिम जमानत पर सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद तक के लिए टल गई है.
दरअसल, आसाराम के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने शुक्रवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई टालने की मांग करते हुए कहा कि आसाराम की हालत गंभीर है. वह अभी अस्पताल में भर्ती हैं, ऐसे में मामले की सुनवाई अगले हफ्ते करें.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आसाराम आईसीयू में भर्ती है, समुचित इलाज चल रहा है. अर्जी तो वैसे ही बेअसर हो गई है. इस पर लूथरा ने गर्मी छुट्टियों के बाद अगली सुनवाई की गुहार लगाई. जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी.
इससे पहले आसाराम की जमानत अर्ज़ी पर सुनवाई के दौरान जस्टिस एमआर शाह ने आसाराम के वकील सिद्धार्थ लूथरा से नाराज़गी जताई. जस्टिस शाह ने कहा कि आपने पिछली सुनवाई निजी कारणों से टालने की मांग की थी, लेकिन आप उसी दिन कलकत्ता हाई कोर्ट में पेश हुए. क्या हाई कोर्ट की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से अहम है? आपको सुप्रीम कोर्ट को पहले तरजीह देनी चहिए फिर हाई कोर्ट को.
बता दें कि रेप के मामले में सजायाफ्ता आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल कर रखी है. आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट से अपने उपचार के लिए जमानत देने की मांग की है. हालांकि, राजस्थान सरकार ने आसाराम की जमानत याचिका का विरोध किया है.