दिल्ली महिला आयोग ने एक याचिका दायर कर आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ दर्ज एक केस को रद्द करने की मांग की है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. इस मामले में एक 14 साल की दलित रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने के चलते मालीवाल के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. इस मामले में दायर याचिका में कहा गया है कि इस मामले की जांच विशेष जांच टीम का गठन करके किया जाए क्योंकि पुलिस इस मामले की जांच ठीक से नहीं कर रही है.
वहीं महिला आयोग की तरफ से पेश वकील ने पूछा कि कैसे आयोग की अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज केस को आयोग रद्द करने की मांग कर सकता है. किस आधार पर आयोग ने यह याचिका दायर की है. इस मामले में केस एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया है. इसलिए उसी व्यक्ति को केस रद्द करने की मांग करनी चाहिए, जिसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है. इसलिए इस मामले में मालीवाल को याचिका दायर करनी चाहिए थी. कैसे उन्होंने आयोग के जरिए इस मामले में याचिका दायर की है.
अगली सुनवाई 8 नवंबर को
आयोग के वकील ने कहा कि उनको याचिका दायर करने का अधिकार है. इस मामले में गलत तरीके से केस दर्ज किया गया है. किसी रेप पीड़िता का नाम कानून के तहत उसके परिजनों की मर्जी से उजागर किया जा सकता है. इस मामले में पीडि़ता के परिजनों की सहमति ले ली गई थी. अब इस केस में 8 नवम्बर को सुनवाई होगी.
पड़ोसी ने किया था रेप, अस्पताल में हुई मौत
इस मामले में पीड़िता की अस्पताल में मौत हो गई थी. उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके की रहने वाली पीडि़ता से 23 जुलाई को उसके पड़ोसी ने रेप किया था. आरोपी ने पीड़िता के मुंह में कुछ घुसा दिया था, जिससे उसके आतंरिक अंग भी खराब हो गए थे.