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आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के संपर्क में था नौशाद, भारत में टेरर नेटवर्क फैलाने की थी जिम्मेदारी 

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके से बीते दिनों अरेस्ट किए गए संदिग्ध आतंकी नौशाद और जगजीत सिंह से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस का कहना है कि दोनों संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी संगठन के संपर्क में थे. वहीं नौशाद को भारत में टेरर नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी मिली थी.

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दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके से दोनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था.
दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके से दोनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था.

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके से पकड़े गए दोनों संदिग्धों ने पूछताछ के दौरान बड़े खुलासे किए हैं. दोनों संदिग्ध पाकिस्तान में बैठे अपने 4 हैंडलर के संपर्क में थे. वहीं नौशाद आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के भी सम्पर्क में था. दोनों हिंदुस्तान में टेरर-गैंगस्टर नेटवर्क को खड़ा करने की फिराक में लगे हुए थे. 

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पूछताछ में संदिग्धों ने बताया कि दोनों संदिग्ध पाकिस्तान में हरकत उल अंसार के नज़ीर भट, नासिर खान, नज़ीर खान और हिजबुल मुजाहिद्दीन के नदीम के सम्पर्क में थे. उसके अलावा ये संदिग्ध गैंगस्टर सुनील राठी, इरफान उर्फ छेनू, हाशिम बाबा, इबले हसन और इमरान पहलवान गैंग के सम्पर्क में भी थे. नौशाद को टेररिस्ट-गैंग्स्टर नेटवर्क को हिंदुस्तान में खड़ा करने की जिम्मेदारी मिली थी.  

इससे पहले नौशाद और जगजीत सिंह की गिरफ्तारी के संबंध में एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया था कि ये दोनों राइट विंग लीडर की हत्या करना चाहते थे. दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में भी थे. दोनों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है. नौशाद पर पूर्व में हत्या के दो मामले दर्ज हैं.  

प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि नौशाद और जगजीत के पास से 3 पिस्टल और 22 कारतूस मिलें हैं. आतंकी अर्श डल्ला इन्हें कंट्रोल कर रहा था. ये बात भी सामने आई है कि 15 दिसंबर इन्होंने एक आदमी की हत्या की थी. इस वारदात को अंजाम देने के बाद पाकिस्तान में इसकी सूचना भी दी थी. नौशाद और जगजीत दोनों हल्द्वानी जेल में मिले थे. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन्हें हथियार कहां से मिले.  

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भलस्वा इलाके से बरामद हुए थे शव को टुकड़े

इससे पहले संदिग्ध आतंकियों की निशानदेही पर पुलिस ने शनिवार को भलस्वा स्थित एक प्लॉट से शव के टुकड़े बरामद किए थे. शव को 8 से 9 टुकड़ों में काटा गया था. दोनों संदिग्धों ने विदेश में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर एक शख्स का गला काटा और उसकी लाश के कई टुकड़े करके भलस्वा डेरी इलाके में फेंक दिए थे. 

जहांगीरपुरी इलाके में रह रहे थे दोनों संदिग्ध

चौंकाने वाली बात ये है कि जहां दंगा हुआ, वहीं दिल्ली पुलिस की आंख में धूल झोंककर महीनों से अपना ठिकाना बनाया हुआ था. लेकिन दिल्ली पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. बता दें कि जुलाई 2022 में जहांगीरपुरी में राम नवमी जुलूस के दौरान हिंसा हुई थी. उसके बाद से इलाके में लोकल पुलिस, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और दिल्ली पुलिस की खुफिया इकाई की स्पेशल ब्रांच लगातार एक्टिव थीं. 

भलस्वा में किराए पर लिया था मकान

इसके बावजूद नौशाद और जगजीत ने यहां अपना ठिकाना बनाया था. दिल्ली पुलिस के दावों के मुताबिक दोनों ने भलस्वा में किराए का मकान लिया. एक संदिग्ध आतंकी ने शख्स का गला काटा. हैंड ग्रेनेड जुटाए, लेकिन दिल्ली पुलिस को कुछ पता नहीं चला. जबकि इस इलाके में दंगों के आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए रोजाना रेड की जाती थी. 

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जिस मकान में नौशाद और जगजीत रहते थे, उसके मालिक पूरन चंद का कहना है कि नौशाद किराए पर रह रहा था, कुछ महीनों से जगजीत भी यहां आकर रहने लगा था. पूरन चंद ने बताया कि 6-7 महीने पहले 2 महिलाएं आईं थी. किराए पर कमरा मांगा, पहचान पत्र नहीं दिया था. अब पुलिस ने रेड की, कोर्ट में मकान मालिक का बयान करवाया. पूरन चंद का आरोप है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है. आईडी प्रूफ के सवाल पर उन्होंने कहा कि नौशाद तो इस इलाके में सालों से रह रहा है, जब से वह जेल से छूट कर आया है, तब से यहीं है. 

 

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