दिल्ली सरकार ने एक्साइज ड्यूटी से रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. समिति शराब के मूल्य निर्धारण तंत्र को सरल बनाने और शराब के व्यापार में एक्साइज ड्यूटी में गड़बड़ी और चोरी की जांच भी करेगी. एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर में बदलाव पर भी कमेटी रिपोर्ट देगी, जिससे दिल्ली में रेस्त्रां और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए कारोबार करने में आसानी होगी और कोरोना महामारी के कारण गई नौकरियां मिलने में मदद मिलेगी. इसके लिए इस इंडस्ट्री से जुड़े संगठन और लोगों से भी रायशुमारी की जाएगी.
आबकारी आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति में डिप्टी कमिश्नर (एक्साइज) संदीप मिश्रा और एडिशनल कमिश्नर (टी एंड टी) आनंद कुमार तिवारी सदस्य बनाए गए हैं. कमेटी अपनी रिपोर्ट आगामी 15 दिनों के अंदर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सौंपेगी.
समिति इन बिंदुओं पर देगी अपनी रिपोर्ट-
- राज्य उत्पाद शुल्क राजस्व में वृद्धि
- शराब मूल्य निर्धारण तंत्र को सरल बनाना
- शराब के कारोबार में गड़बड़ी और चेकिंग को रोकना
- शराब की आपूर्ति के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करना
- राष्ट्रीय राजधानी के बदलते स्तर में शराब व्यापार के तरीके को बदलना
दिल्ली हाट सहित अन्य पर्यटन कलाकारों को स्टॉल उपलब्ध कराएगी सरकार
दिल्ली सरकार के मुताबिक, कोरोना महामारी का असर सबसे अधिक होटल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पर पड़ा है और इस इंडस्ट्री को सबसे अधिक नुकसान हुआ है. इस इंडस्ट्री में लाखों लोग जॉब करते हैं और यह इंडस्ट्री दिल्ली में करीब 8 प्रतिशत जॉब पैदा करती है, लेकिन कोरोना के चलते इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ा है. लोगों की नौकरियां जाने के साथ ही दिल्ली सरकार को राजस्व भी आना कम हो गया है.
दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाट सहित पर्यटन विभाग के सभी परिसरों में कलाकारों और शिल्पकारों को बेहद रियायती दर पर स्टॉल उपलब्ध कराने का फैसला किया है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम की बोर्ड मीटिंग के बाद ऐलान किया है.
सिसोदिया ने कहा कि कोरोना महामारी तथा लॉकडाउन के कारण जो कलाकार और शिल्पकार दिल्ली हाट तथा अन्य स्थानों पर महंगे स्टॉल लेने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें बेहद किफायती दर पर स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे.
मनीष सिसोदिया के मुताबिक, सामान्य दिनों में जो स्टॉल लेने के लिए कई हजार रुपए और कुछ मामलों में तो लाखों रुपए देने पड़ते थे, वैसे स्टॉल कलाकारों और शिल्पकारों को मात्र 500 से 600 रुपयों में मिल जाएंगे.
दिल्ली हाट तथा अन्य स्थानों पर फूड स्टॉल लगाने वाले वेंडर्स को भी बड़ी छूट देने, विभिन्न स्थानों पर इन वेंडर्स से लॉकडाउन के दौरान का किराया माफ करने और कई मामलों में 31 अक्टूबर तक सामान्य किराए में काफी रियायत देने का भी फैसला हुआ है.
सिसोदिया ने आगे कहा कि कोरोना महामारी का असर पूरी दुनिया में है. दिल्ली का पर्यटन उद्योग भी काफी प्रभावित हुआ है. ऐसे में निगम से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों, वेंडर्स, कलाकारों, शिल्पकारों इत्यादि की मदद करना जरूरी है. जो लोग कई तरह के कार्यों से निगम के साथ लंबे समय से जुड़े हैं, उन्हें मदद करके भविष्य के लिए टिकाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए. इससे उन लोगों को अपने कारोबार को फिर से व्यवस्थित करने का अवसर मिलेगा. साथ ही, निगम को भी इसी माध्यम से भविष्य में राजस्व की प्राप्ति होगी.
दिल्ली सरकार के मुताबिक कोरोना महामारी में लॉकडाउन के कारण दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा लीज पर दी गई समस्त प्रोपर्टीज को 20 मार्च 2020 से बंद करना पड़ा था. बाद में अनलॉक की अलग-अलग स्थितियों में प्रत्येक संस्थान को विभिन्न चरणों में पुनः खोलने की अनुमति मिली थी. इनमें सभी दिल्ली हाट, आइएनए, पीतमपुरा, जनकपुरी, गार्डन ऑफ फाइव सेंसेस, नेचर बाजार शामिल हैं. इनमें कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े उद्यमियों ने महामारी के आलोक में फोर्स मेजर के तहत रियायत का अनुरोध किया था.
बैठक में लिए गए अन्य फैसले-
दिल्ली हाट आईएनए के तहत 166 क्राफ्ट स्टॉल का आवंटन देशभर के शिल्पकारों के बीच किया गया था. इनमें बचे हुए स्टॉल का स्थानीय शिल्पकारों के बीच प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर वितरण का भी निर्णय लिया गया. दिल्ली हाट आईएनए के फूड स्टाल वेंडर्स को किराए में भी काफी राहत दी गई है. दिल्ली हाट आईएनए के पिछले हिस्से की पार्किंग का उपयोग न होने के कारण इसमें भी राहत का निर्णय हुआ.
अंधेरिया मोड़ स्थित नेचर बाजार की लीज मेसर्स दस्तकार को 15 साल के लिए दी गई थी. लॉकडाउन के दौरान बंद होने के कारण 20 मार्च से तीन जुलाई तक के शुल्क को माफ करने का निर्णय लिया गया है.
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