दिल्ली में पानी को लेकर सियासत तेज होती जा रही है. कांग्रेस दूषित पानी के मुद्दे को लेकर केजरीवाल सरकार पर लगातार हमलावर है. दिल्ली कांग्रेस ने शनिवार को आंकड़े पेश करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रत्येक व्यक्ति गंदे पानी के कारण गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं.
दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने आरटीआई के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि साल 2014 से 2021 के बीच दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में चार लाख 91 हजार लिवर और किडनी से जुड़े मामले सामने आए. जबकि इसके कारण 19,238 मरीजों की मौत हुई. कांग्रेस ने दावा किया है कि दिल्ली में पिछले 5 सालों में गंदे पानी के कारण 28 लाख से ज्यादा लोग डायरिया के शिकार हुए हैं.
अनिल चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के समर एक्शन प्लान 2021 के मुताबिक दिल्ली में वाटर का सैंपल टेस्ट करने के लिए कुल 9 लैब हैं. सिर्फ 7 महीने के अंदर गंदे पानी की 23,679 शिकायतें दर्ज की गई हैं.
इनमें से सिर्फ 1,426 जगहों से गंदे पानी का सैम्पल लिया गया है. उनमें से भी 668 सैंपल फेल हो गए हैं. दिल्ली जल बोर्ड लगभग 47 प्रतिशत पानी सप्लाई कर रहा था. ये खुद दिल्ली जल बोर्ड मान रहा है. जबकि साल 2017 में कुल 28 प्रतिशत सैम्पल फेल थे.
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वहीं WHO के मुताबिक किसी भी क्षेत्र से अगर जल बोर्ड पानी का सैम्पल लेता है तो वो सैम्पल का आंकड़ा 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए. लेकिन दिल्ली में ऐसा नहीं हो रहा है.
दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने सीएम केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री जब सत्ता में आए थे तो उन्होंने साफ पानी देने का वादा किया था. लेकिन दिल्ली वालों को साफ पानी तो छोड़ दीजिए, पानी भी नसीब नहीं हो रहा है. ज्यादातर लोग पानी के लिए टैंकर पर निर्भर हैं. ऐसी चिलचिलाती गर्मी में लोग पैसों से पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं.