दिल्ली के जामिया इलाके में फायरिंग करने वाला नाबालिग युवक ने अपने दोस्त से तमंचा उधार लिया था. पुलिस की पूछताछ में हमलावर ने बताया कि बंदूक चलाने का उसके पास अनुभव नहीं है. उसने तमंचा दोस्त से उधार लिया था.
हालांकि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे तमंचा किसने दी. पुलिस ने तमंचा जब्त कर लिया है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हमलावर खुद से कट्टरपंथी बन गया था. पिछले 2 सालों से वह लगातार सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पढ़ रहा था. हर दिन वह ऑनलाइन भाषण सुनता था और आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करता था. नवंबर 2019 में, हमलावर बजरंग दल के एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ था.
दोस्तों को मनाने की कोशिश की
सूत्रों ने बताया कि हमलावर ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में रैली निकालने के लिए अपने दोस्तों को इकट्ठा करने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा. इसके बाद उसने खुद अकेले जामिया जाने का फैसला किया. जामिया पहुंचा और एक प्रदर्शनकारी (जामिया का छात्र) पर फायरिंग कर दी. इस फायरिंग से वह युवक घायल हो गया .
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हमलावर के परिजनों का दावा है कि पिछले एक पखवाड़े से उसके व्यवहार में परिवर्तन देखा गया था. वह अपने घर और पड़ोस में नारे लगा रहा था.
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फिलहाल, पुलिस सभी दावे की जांच कर रही है. साथ ही इस दावे की भी जांच की जा रही है कि हमलावर नाबालिग है या नहीं. इसके लिए मेडिकल टेस्ट भी कराया जा सकता है.