दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल बिल पास न होने पर अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा देने की बात कहकर चौंका दिया है. दिलचस्प बात यह है कि इस पर उन्होंने अपने पुराने साथी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का समर्थन भी हासिल कर लिया है.
केजरीवाल ने अन्ना से रविवार को महाराष्ट्र सदन मुलाकात की. उन्होंने विधानसभा में जनलोकपाल और स्वराज बिल पेश करने की योजना के बारे में अन्ना को अवगत कराया. इस मुलाकात के बाद अन्ना ने पत्रकारों को बताया, 'अगर बिल पास नहीं होता तो केजरीवाल को इस्तीफा दे देना चाहिए.' अन्ना से केजरीवाल की ओर से दी गई इस्तीफे की धमकी पर सवाल पूछा गया था.
प्रस्तावित जनलोकपाल बिल पर उन्होंने कहा, 'मैंने पेपर नहीं देखा है, लेकिन जो केजरीवाल ने बताया वह अच्छा लग रहा है. जब मैं बिल देख लूंगा तो और बता पाऊंगा.'
यह पूछने पर कि अगर केजरीवाल इस्तीफा दे देते हैं तो क्या वह उनके आंदोलन का समर्थन करेंगे तो अन्ना ने कहा कि इस पर वह अभी कुछ नहीं कह सकते. उन्होंने कहा, 'इस पर बाद में फैसला करेंगे. मैं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की राजनीति में नहीं घुसना चाहता. हम AAP के अगले कदम का इंतजार करेंगे.'
अन्ना से मुलाकात के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जनलोकपाल बिल के लिए वह सौ बार भी सीएम की कुर्सी कुर्बान की जा सकती है. उन्होंने कहा कि अन्ना से उनकी मुलाकात प्रस्तावित बिलों को लेकर थी, राजनीतिक मुद्दे को लेकर नहीं. उन्होंने कहा, 'मैं राजनीतिक मकसद से मिलने नहीं गया था. वह मेरे गुरु थे और हैं.'