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JNU में फिर गूंजा 'लाल सलाम' और 'जय भीम', करीब तीन दशक बाद लेफ्ट को मिला दलित प्रेसिडेंट

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में लेफ्ट ने अपना दबदबा बरकरार रखा है. अध्यक्ष पद पर धनंजय, उपाध्यक्ष पद पर अविजीत घोष, महासचिव पद पर प्रियांशी आर्या और संयुक्त सचिव पद पर मोहम्मद साजिद ने फतह हासिल की है.

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JNUSU चुनाव में लेफ्ट का दबदबा कायम
JNUSU चुनाव में लेफ्ट का दबदबा कायम

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ (JNUSU) चुनाव में रविवार को लगभग तीन दशकों के बाद लेफ्ट समर्थित ग्रुप को पहला दलित अध्यक्ष मिला है. यूनाइटेड लेफ्ट पैनल ने आरएसएस से जुड़े एबीवीपी को हराकर क्लीन स्वीप किया. चार साल के बाद हुए इस चुनाव में, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के धनंजय ने 2,598 वोट हासिल करके JNUSU अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उमेश सी अजमीरा को 1,676 वोट ही मिल सके. JNUSU के नवनिर्वाचित प्रेसिडेंट धनंजय, बिहार के रहने वाले हैं और बत्ती लाल बैरवा के बाद वामपंथी दल के पहले दलित प्रेसिडेंट हैं.

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'नफरत की राजनीति खारिज...'

एजेंसी के मुताबिक फतह हासिल करने के बाद धनंजय ने कहा कि यह जीत जेएनयू के छात्रों का एक जनमत संग्रह है कि वे नफरत और हिंसा की राजनीति को खारिज करते हैं. छात्रों ने एक बार फिर हम पर भरोसा दिखाया है. हम उनके अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे और उन मुद्दों पर काम करें जो छात्रों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा आगे कहा कि कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा, फंड में कटौती, स्कॉलरशिप, बुनियादी ढांचा और जल संकट शुरुआत से ही छात्र संघ की बड़ी प्राथमिकताओं में से हैं.

'लाल सलाम' और 'जय भीम' के नारों के बीच विजेता छात्रों का उनके समर्थकों ने स्वागत किया. उम्मीदवारों की जीत का जश्न मनाने के लिए छात्रों ने लाल, सफेद और नीले झंडे लहराए.

यह भी पढ़ें: जेएनयू में 4 साल बाद छात्रसंघ चुनाव, जानें डिटेल

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अन्य तीन पदों पर भी लेफ्ट की फतह

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के अविजीत घोष ने एबीवीपी की दीपिका शर्मा को 927 वोटों से हराकर उपाध्यक्ष पद जीता है. घोष को 2,409 वोट मिले हैं जबकि शर्मा को 1,482 वोट ही मिल सके. लेफ्ट समर्थित बिरसा अंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (BAPSA) की कैंडिडेट प्रियांशी आर्या ने एबीवीपी के अर्जुन आनंद को 926 वोटों से हराकर महासचिव पद जीता. आर्या को 2,887 वोट मिले जबकि आनंद को 1961 वोट मिले. यूनाइटेड लेफ्ट ने आर्या को अपना समर्थन तब दिया, जब इलेक्शन कमेटी ने उनकी कैंडिडेट स्वाति सिंह का नामांकन रद्द कर दिया. 

इसके अलावा संयुक्त सचिव (Joint Secretary) पद पर लेफ्ट के मोहम्मद साजिद ने एबीवीपी के गोविंद दांगी को 508 वोटों से हराकर जीत हासिल की. जेएनयू छात्र संघ चुनाव में वामपंथी पैनल की जीत के साथ, जेएनयू वामपंथी गढ़ होने की अपनी प्रतिष्ठा पर कायम रहा. एबीवीपी ने कांटे की टक्कर दी और शुरुआती रुझानों में सेंट्रल पैनल के सभी चार पदों पर एबीवीपी की बढ़त थी.

12 साल में सबसे ज्यादा वोटिंग

यूनाइटेड लेफ्ट पैनल में AISA, डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) शामिल हैं. जेएनयू छात्र संघ चुनाव में शुक्रवार को 73 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछले 12 सालों में सबसे ज्यादा है.

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