दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में पांच जनवरी को हुई हिंसा को लेकर नया दावा किया जा रहा है. हिंदू रक्षा दल ने दावा किया है कि JNU में जो हिंसा हुई है वह उनके कार्यकर्ताओं ने की है. अब इस दावे पर दिल्ली पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है.
हिंदू रक्षा दल के प्रमुख पिंकी चौधरी ने कहा कि JNU लगातार देशविरोधी हरकतों का अड्डा बनता जा रहा है, हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. JNU में जो हिंसा हुई है हम उसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं. हम कहना चाहता हूं कि हमला करने वाले हमारे कार्यकर्ता थे.
हिंदू रक्षा दल के प्रमुख द्वारा किए गए इस दावे पर अब दिल्ली पुलिस एक्टिव हो गई है. पुलिस का कहना है कि उन्होंने इस मामले में संज्ञान लिया है और हर तरीके से इस दावे की जांच की जाएगी. इसके अलावा दिल्ली पुलिस की ओर से हिंसा की सीसीटीवी फुटेज भी जांची जा रही है.
Govt Sources: Claims made by Hindu Raksha Dal Chief Pinky Chaudhary are being investigated. Delhi Police has taken cognizance. To identity masked men in JNU, Police is taking help of video footage as well as face recognition systems https://t.co/oJgxo03IDv
— ANI (@ANI) January 7, 2020
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए नकाबपोश लोगों की तलाश हो रही है, इनकी पहचान कर कड़ा एक्शन लिया जाएगा.
बता दें कि इससे पहले दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में ये सामने आया था कि JNU में हिंसा करने वाले नकाबपोश ABVP और लेफ्ट के कार्यकर्ता ही थे. इनकी पहचान कर पुलिस जल्द ही एक्शन लेगी. बता दें कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में FIR दर्ज कर ली है, हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
गौरतलब है कि पांच जनवरी की शाम को जेएनयू में दर्जनों नकाबपोश लोगों ने कैंपस में घुसकर तोड़फोड़ की थी. इस दौरान हमलावरों ने छात्रों और फैकल्टी पर हमला भी किया, जिसमें 30 से अधिक लोग घायल हुए. घायलों में JNUSU की अध्यक्ष आइशी घोष भी शामिल थीं, जिनके सिर पर गंभीर चोट आई थी. इस हिंसा से जुड़े कुछ वीडियो साझा किए जा रहे हैं जिनमें ABVP-LEFT दोनों की तरफ से एक-दूसरे पर हिंसा का आरोप लगाया जा रहा है.