दिल्ली में उपराज्यपाल बनाम सरकार का विवाद अभी थमा नहीं है. खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के ठीक बाद जॉइंट सीपी मुकेश मीणा ने दिल्ली के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) स्टाफ को बिना उनकी मंजूरी के कोई शिकायत न दर्ज करने के आदेश दिए हैं.
याद रहे कि मुकेश मीणा को उपराज्यपाल नजीब जंग ने एसीबी का प्रमुख बनाया था लेकिन दिल्ली सरकार ने उन्हें इस पद पर ज्वॉइन कराने से मना कर दिया था.
मीणा पर लगा है 'पर्दा घोटाले' का आरोप
तब से मुकेश मीणा उपराज्यपाल (एलजी) की ओर से 'बैटिंग' करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने बयान भी दिया था कि वह सिर्फ एलजी के आदेश ही मानेंगे, और किसी के नहीं. अब दिल्ली एसीबी के 'विवादित' मुखिया मुकेश मीणा ने ब्यूरो स्टाफ को बिना उनकी मंजूरी के एफआईआर न दर्ज करने का आदेश दिया है. यह आदेश गुरुवार शाम को दिया गया.
दिलचस्प बात यह है कि मीणा की ओर से यह आदेश उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के ठीक बाद आया है. दिल्ली पुलिस के एक पूर्व इंस्पेक्टर ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलकर उन्हें मीणा के खिलाफ 3000 पन्नों की शिकायत सौंपी थी. बताया जा रहा है कि इस शिकायत में मीणा के पर्दा घोटाले में शामिल होने से जुड़े सबूत भी हैं.
इस शिकायत में मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और एसीबी से जांच कराने की मांग की गई थी. मुख्यमंत्री के दफ्तर ने यह शिकायत विजिलेंस विभाग को भेज दी थी.