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कंझावला केस: कोर्ट ने अंजलि हत्याकांड के आरोपी दीपक को जमानत देने से इनकार किया

दिल्ली के कंझावला मामले में कोर्ट ने दो आरोपी आशुतोष भारद्वाज और अंकुश को पहले ही जमानत दे दी थी. ये दोनों घटना के बाद केस से जुड़े थे. इन्होंने ही दीपक से कहा था कि वह पुलिस को बताए कि घटना के वक्त गाड़ी वह चला रहा था, ना कि अमित, क्योंकि दीपक के पास ड्राइविंग लाइसेंस था.

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दिल्ली के कंझावला केस ने देशवासियों को हिलाकर रख दिया था
दिल्ली के कंझावला केस ने देशवासियों को हिलाकर रख दिया था

दिल्ली की कोर्ट ने कंझावला कांड के एक आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है. शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अंजलि को कार से घसीटकर मारने के मामले में एक आरोपी दीपक की जमानत याचिका खारिज कर दी. दरअसल, गिरफ्तार होने के बाद दीपक ने पुलिस को बताया था कि घटना के वक्त वह गाड़ी चला रहा था. हालांकि पुलिस जांच में बाद में खुलासा हुआ था कि गाड़ी दीपक नहीं बल्कि अमित चल रहा था. लेकिन अमित के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, जिसके चलते दीपक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद को आगे किया था. उन्होंने बताया था कि कार में पांच लोग थे, लेकिन जांच में खुलासा हुआ था कि घटना के समय कार में 4 ही लोग मौजूद थे. दीपक को घटना के बाद कार में बैठाया गया था. इस मामले में पुलिस ने दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन और मनोज मित्तल मुख्य आरोपी बनाया है. 

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कोर्ट ने दो आरोपी आशुतोष भारद्वाज और अंकुश को पहले ही जमानत दे दी थी. ये दोनों घटना के बाद केस से जुड़े थे. इन्होंने ही दीपक से कहा था कि वह पुलिस को बताए कि घटना के वक्त गाड़ी वह चला रहा था, ना कि अमित, क्योंकि दीपक के पास ड्राइविंग लाइसेंस था. आशुतोष की गाड़ी से ही हादसा हुआ था. दिल्ली पुलिस ने आशुतोष की जमानत याचिका का विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी.

बता दें कि सुल्तानपुरी में नए साल की रात कार सवार युवकों ने स्कूटी सवार अंजलि को टक्कर मार दी थी, उसके बाद अंजलि को कार से करीब 12 किमी तक घसीटा था. इस घटना में अंजलि की मौत हो गई थी. मामले में 1 जनवरी को आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 304ए, 304, 120बी/34) के खिलाफ केस दर्ज किया था. इस केस में भौतिक, मौखिक, फोरेंसिक एवं अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को एकत्रित किया गया. उसके बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 की जगह पर धारा 302 जोड़ी गई. मामले में आगे की जांच जारी है.

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इस हाल में मिली थी अंजलि की लाश 

अंजलि की लाश जिस हालात में मिली थी, उसे देखकर किसी भी इंसान का कलेजा बैठ सकता है. उसके जिस्म से खून का एक-एक कतरा सड़क पर बह चुका था. उसकी कमर से हड्डियां बाहर आ चुकी थीं. उसके पैर और घुटने पूरी तरह से घिस चुके थे. उसकी खोपड़ी दो हिस्सों में बंट चुकी थी. उसका भेजा कहीं सड़क पर निकलकर गिर चुका था. उसके जिस्म पर जख्मों के इतने निशान थे कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को कई बार गिनती करनी पड़ी. उसका चेहरा पहचाना पाना बेहद मुश्किल था. साफ कहें तो कार के नीचे जिंदा अंजलि को घसीटा गया और इसके बाद उसकी लाश एक कंकाल जैसे हाल में मिली थी.

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