आम आदमी पार्टी सरकार ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया. यहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी पर पर जमकर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, 'एलजी ने शुरुआत में न्यूनतम वेतन की कमेटी की रिपोर्ट पर अप्रूवल नहीं दिया. फिर मैं एलजी के पास खुद गया, हाथ जोड़े. लेकिन एलजी नहीं माने और दोबारा कमेटी बनाने के आदेश दिए. ऐसी हिटलरशाही मैंने कभी नहीं देखी. हमने दोबारा कमेटी बनाई, वही आदमी रखे, वही सिफारिश की गई और तब एलजी मान गए. ये सत्ता का घमंड है. लेकिन सत्ता के नशे में एलजी ने ये किया तो बहुत गुस्सा आया.'बता दें कि श्रमिक सम्मेलन में दिल्ली के अलग- अलग सरकारी विभागों में काम करने वाले और श्रमिक विकास संगठन से जुड़े लोग शामिल हुए. इस दौरान कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के बाहर श्रम विभाग में पंजिकृत हो चुके श्रमिकों को दिए जाने वाले फायदे की एक लिस्ट भी लगाई गई.
भ्रष्टाचार के खिलाफ 'आप' ने लड़ी जमकर लड़ाई
अरविंद केजरीवाल ने श्रमिकों से संबोधन के दौरान कहा कि आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर लड़ाई की. दुनिया के इतिहास में आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा सीट 67 मिली. क्योंकि मजदूरों और गरीबों ने हमें वोट दिया, जबकि अमीरों ने हमें वोट नहीं दिया.
अरविंद केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी और कांग्रेस हम पर गरीबों के लिए काम करने का आरोप लगाते हैं. उन्होंने कहा, 'हम कभी बिजली कभी पानी मुफ्त कर देते हैं. दिल्ली में गरीब और मजदूर बड़े खुश हैं. उनके पैसे की बचत होने लगी है.'
सम्मेलन में केजरीवाल ने किया दर्द साझा
अरविंद केजरीवाल ने श्रमिक सम्मेलन के मंच से ठेकेदारी प्रथा खत्म करने का ऐलान किया. हालांकि, केजरीवाल ने पूर्ण राज्य का दर्जा न मिलने पर अपना दर्द भी साझा किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली की व्यवस्था ऐसी है कि चुनाव सीएम का होता है लेकिन चलती एलजी की है. आज दिल्लीपूर्ण राज्य होता तो 10 दिन में सबको पक्का कर देता. लेकिनहमारे हाथ- पैर बांध दिए गए इसके बावजूद हमारी सरकार उछल- उछल कर काम कर रही है.
केजरीवाल ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने को लेकर सरकार और मंत्री की पीठ थपथपाई. उन्होंने बताया कि सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 9500 से बढ़ाकर 13800 रुपए की. जबकि पहले कमेटी ने आंकलन किया कि सिर्फ 2700 कैलोरी की जरूरत है. साथ ही उन्होंने कहा, 'हमने कम न्यूनतम वेतन पर आपत्ति जताई और पूछा कि क्या मजदूर जानवर हैं? क्या मजदूर को महीने में एक बार मूवी देखने का हक नहीं है. अगर ऐसा है तो आईएएस अधिकारी की सैलरी भी 2700 कैलोरी के हिसाब से तय करो.'
मजदूरों के लिए फ्री डीटीसी पास
वहीं श्रम मंत्री गोपाल राय ने मजदूरों के लिए फ्री डीटीसी पास देने का ऐलान किया. राय ने बताया कि दिल्ली के अंदर जितने भी कंस्ट्रक्शन वर्कर हैं, उनके लिए डीटीसी में फ्री पास की व्यवस्था की जाएगी. न्यूनतम वेतन संशोधन बिल केंद्र ने पास कर दिया और अब उम्मीद है जल्द ही वो लागू होगा. साथ ही कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के लिए समान काम समान वेतन के लिए कमेटी का गठन हुआ है.