BSF के असिस्टेंट कमांडेंट का पद छोड़कर एक युवक दोबारा दिल्ली पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल बना है. दरअसल, अभिषेक नाम का युवक पहले दिल्ली पुलिस में कार्यरत था. अभिषेक का चयन अर्धसैनिक बल में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हो गया था.
इसके बाद अभिषेक ने कुछ समय तक यह जिम्मेदारी निभाई, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान अभिषेक को लगा कि दिल्ली पुलिस में नौकरी ज्यादा अच्छी थी. अभिषेक ने इस्तीफा देकर दोबारा दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल के पद के लिए अर्जी लगा दी. अभिषेक की इस अर्जी को सरकार ने मंजूर कर लिया है.
गौरतलब है कि आज लोकसभा में गृह मंत्रालय से एक सवाल में भी ये पूछा गया है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में सीधी भर्ती के जरिए 'सहायक कमांडेंट' बनने वाले युवा अधिकारी आखिर नौकरी क्यों छोड़ रहे हैं.
आज मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान लोकसभा सांसद रवनीत सिंह ने पूछा कि क्या सरकार को जानकारी है कि हाल के वर्षों में सीमा प्रहरी बल 'आईटीबीपी' में विशेषकर सहायक कमांडेंट 'एसी' के स्तर पर बड़ी संख्या में सैनिकों ने नौकरी छोड़ी है. इस सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि आईटीबीपी में नौकरी छोड़ने वालों की संख्या अधिक नहीं है.
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 83 हजार से अधिक पद खाली: सरकार
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) जैसे सीआरपीएफ और बीएसएफ में एक जनवरी को 10,15,237 पदों की कुल संख्या के मुकाबले 83 हजार से अधिक पद खाली थे. मंगलवार को संसद में सरकार ने यह जानकारी दी.
जिन बलों में पद खाली हैं, उनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और असम राइफल्स शामिल हैं.
लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और असम राइफल्स में 1 जनवरी, 2023 तक रिक्तियों की वर्तमान संख्या 10,15,237 की कुल स्वीकृत के मुकाबले 83,127 है.
उन्होंने कहा कि जुलाई 2022 और जनवरी 2023 के बीच 32,181 भर्तियां की गईं. अतिरिक्त रिक्तियां 64,444 होनी हैं. मंत्री ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि रिक्तियों के कारण मौजूदा कर्मियों को ओवरटाइम करना पड़ रहा है.
मंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय यूपीएससी, एसएससी और संबंधित बलों के माध्यम से रिक्तियों को तेजी से भरने के लिए कदम उठा रहा है. सीआरपीएफ को आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों, कानून और व्यवस्था के रखरखाव और जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात किया गया है.
बीएसएफ पाकिस्तान के साथ देश की 3,323 किलोमीटर लंबी सीमा (740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा को छोड़कर) और बांग्लादेश के साथ 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा की रक्षा करती है. CISF महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, जैसे परमाणु संयंत्र, प्रमुख उद्योग, मेट्रो नेटवर्क और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा करता है.