यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की दुनियाभर के देश तारीफ कर रहे हैं. अब भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी किया है और अपने रुख को स्पष्ट किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हमने हमेशा बातचीत, कूटनीति के जरिए युद्ध समाप्त करने की अपील की है. इस संबंध में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी फोन पर बातचीत हुई है.
ये युग युद्ध का नहीं है: पीएम मोदी
बता दें कि उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच वन-टू-वन बातचीत हुई थी. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि ये युद्ध का समय नहीं है. मैंने आपसे कॉल पर भी इसके बारे में बात की थी. आज हमें इस बारे में बात करनी होगी कि हम शांति कैसे स्थापित करें. प्रगति के मार्ग को कैसे प्रशस्त करें. भारत और रूस कई दशकों तक एक-दूसरे के साथ रहे हैं.
अमेरिका और फ्रांस ने तारीफ की
पीएम मोदी के इस बयान के बाद अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने समरकंद में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से जो कहा, वह पूरी तरह से सही था. अमेरिका इस बयान का स्वागत करता है. वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने UNGA में कहा कि पीएम मोदी ने समरकंद में सही कहा था कि ये समय युद्ध का नहीं है. पश्चिम से बदला लेने का या पूर्व के खिलाफ पश्चिम का विरोध करने का नहीं है. यह हमारे जैसे संप्रभु राष्ट्रों के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने का समय है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने युद्ध समाप्त करने पर जोर दिया
गुरुवार को एक बार फिर भारतीय विदेश ने यूक्रेन युद्ध पर बयान दिया. MEA के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के तत्काल समाप्ति के लिए बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष को समाप्त करने पर जोर दिया है. PM मोदी ने SCO की बैठक में पुतिन के सामने भी यह दोहराया था. दोनों देशों की अखंडता और संप्रभुता पर भारत स्थिति स्पष्ट रही है.
ब्रिटेन के हमले की निंदा की
ब्रिटेन में संघर्ष पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि लंदन में हमारे हाई कमीशन ने एक बयान जारी कर हिंसा की निंदा की है. उन्होंने कहा कि हमारे हाई कमीशन आगे के हमले को रोकने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ब्रिटेन के अधिकारियों - डिप्लोमेट और सुरक्षा अधिकारियों - के संपर्क में हैं. न्यूयॉर्क में बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने कल अपने ब्रिटिश समकक्ष के साथ इस मामले को उठाया.
मोदी के बयान पर पुतिन ने ये कहा था
इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी से कहा था कि मैं यूक्रेन संघर्ष पर आपकी स्थिति जानता हूं. मैं आपकी चिंता समझता हूं. मैं जानता हूं कि आप इन चिंताओं को समझते हैं. हम चाहते हैं कि ये संकट जितना जल्दी हो सके खत्म हो. लेकिन जो दूसरी पार्टी है- यूक्रेन, वे संवाद प्रक्रिया में शामिल ही नहीं होना चाहते हैं. वे कहते हैं कि वे अपने लक्ष्यों को युद्ध के मैदान में हासिल करना चाहते हैं. हम इस बारे में पूरी गतिविधि से आपको अवगत कराते रहेंगे.