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दिल्ली: ठगी के आरोपी संजय राय शेरपुरिया पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज

छापेमारी में कई बोगस कंपनियों में करोड़ों के लेनदेन के दस्तावेज मिले थे. छापेमारी में मिले दस्तावेज के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था. संजय शेरपुरिया के एनजीओ के खाते में भी कारोबारी गौरव डालमिया की कंपनी से छह करोड़ रूपए आए थे.

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संजय राय शेरपुरिया पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज
संजय राय शेरपुरिया पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज

ठगी के आरोपी संजय राय शेरपुरिया पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ है. दिल्ली में शेरपुरिया और उसके साथी कासिफ पर मामला दर्ज किया गया है. बीते सोमवार ईडी ने संजय शेरपुरिया के गाजीपुर स्थित पैतृक आवास से लेकर वाराणसी अहमदाबाद दिल्ली के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी.

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छापेमारी में कई बोगस कंपनियों में करोड़ों के लेनदेन के दस्तावेज मिले थे. छापेमारी में मिले दस्तावेज के बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था. संजय शेरपुरिया के एनजीओ के खाते में भी कारोबारी गौरव डालमिया की कंपनी से छह करोड़ रूपए आए थे.

अब STF की रिमांड पर चल रहे संजय शेरपुरिया को ED भी कस्टडी रिमांड लेगी. ठगी के मामले में एसटीएफ ने संजय शेरपुरिया को लखनऊ से गिरफ्तार किया था.

350 करोड़ का चूना लगाने का आरोप
संजय शेरपुरिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का डिफाल्टर निकला है. संजय और उसकी पत्नी कंचन संजय प्रकाश राय की कंपनी पर एसबीआई को 350 करोड़ का चूना लगाने का आरोप है. अहमदाबाद की कांडला एनर्जी एंड केमिकल्स के नाम से संजय की कंपनी ने एसबीआई से लोन लिया था. यूपी एसटीएफ ने संजय शेरपुरिया को विभूति खंड से गिरफ्तार किया था. संजय शेरपुरिया मूलत गाजीपुर का रहने वाला है और उसपर दिल्ली में बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं को करीबी बताकर लोगों को चूना लगाने का आरोप है.

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पीएम से लेकर RSS चीफ के साथ तस्वीरें
गाजीपुर जिले के शेरपुर गांव का रहने वाला संजय राय दिल्ली में संजय शेरपुरिया के नाम से मशहूर है. संजय शेरपुरिया के नाम से ही दिल्ली दरबार के तमाम नेताओं और दिल्ली के हाई प्रोफाइल महफिलों में बैठने लगा. पीएम मोदी से लेकर डिप्टी सीएम केशव मौर्या, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, आरएसएस चीफ मोहन भगवत समेत कई प्रभावशाली नेताओं के साथ संजय राय तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करता और खुद को केंद्र सरकार के तमाम बड़े नेताओं का करीबी बताता था.

गौरव डालमिया की जांच को मैनेज करने का किया था दावा 
आरोप हैं कि ईडी में चल रही गौरव डालमिया की जांच को मैनेज कराने पर के नाम पर इसने 11 करोड़ रुपये लिए थे. 11 करोड़ की रकम गौरव ने अपने फैमिली ऑफिस ट्रस्ट के खाते से संजय राय की यूथ रूरल एंटरप्रेन्योरशिप के खाते में दो बार में डाली थी. 21 जनवरी को 5 करोड़ और 23 जनवरी को 6 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे.

 

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