मानसून सीजन (Monsoon in Delhi) ने इसबार दिल्लीवालों को खूब राहत दी. बारिश इतनी हुई कि दशकों पुराने रिकॉर्ड धराशायी हो गए. वैसे इस बार दिल्ली में मानसून देरी से आया था और अस्थिर था लेकिन फिर भी सीजन में 1,169.7 mm बारिश हुई है. जब से भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने डेटा रखना शुरू किया है, तब से लेकर अबतक यह तीसरी सबसे ज्यादा बारिश है.
बता दें कि दिल्ली में मानसून सीजन में सामान्य तौर पर 653.6 mm बारिश होती है. लेकिन इस सीजन में बारिश सामान्य स्तर से 80 फीसदी ज्यादा रही. पिछले साल दिल्ली में 576.5 mm बारिश हुई थी. दिल्ली की बात करें तो IMD के मुताबिक, इस साल दो रिकॉर्ड टूट गए. इसमें 1975 में 1,155.6 mm, 1964 में 1,190.9 mm बारिश शामिल है. अबतक का ऑलटाइम हाई रिकॉर्ड 1933 में 1,420.3 mm का है.
दिल्ली में बारिश के लिहाज से सितंबर का महीने काफी अच्छा रहा. इसमें इस साल 413.3mm बारिश हुई. यह 1944 के सितंबर (417.3 mm) से बाद सबसे ज्यादा है.
दिल्ली में देरी से आया था मानसून
इस साल दिल्ली में मानसून काफी इंतजार कराने के बाद आया था. दिल्ली में मानसून ने 13 जुलाई को दस्तक दी थी. 19 साल में यह पहली बार इतना लेट था. लेकिन फिर उस महीने में 16 दिन बारिश वाले रहे जो कि राहत देने वाले थे. फिर अगस्त में मानसून फिर कमजोर दिखा और सिर्फ 10 दिन बारिश पड़ी. लेकिन फिर सितंबर ने सारी कमी पूरी कर दी.
इस मानसून सीजन में दिल्ली में सात दिन भारी बारिश की घटनाएं (64.5 mm to 115.5mm) हुईं. यह अबतक का रिकॉर्ड है, जिसने 1964 के रिकॉर्ड को तोड़ा. उस साल मानसून में 6 दिन भारी बारिश की घटनाएं हुई थीं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भारी बारिश वाली घटनाओं के बढ़ने का सीधा लिंक जलवायु परिवर्तन से है.