दिल्ली के लोक नायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल में Mpox से पीड़ित 26 वर्षीय एक मरीज को लगभग 12 दिनों तक उपचार के बाद 21 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह मरीज 8 सितंबर को भर्ती किया गया था, और अगले ही दिन, 9 सितंबर को डॉक्टरों द्वारा Mpox संक्रमण की पुष्टि की गई थी. मरीज हरियाणा के हिसार जिले का निवासी है.
मरीज को शुरुआत में हल्के बुखार, थकान और शरीर पर चकत्ते की शिकायत के साथ LNJP अस्पताल में लाया गया था. भर्ती के बाद उसे तुरंत आपदा वार्ड में ट्रांसफर किया गया था, जो विशेष रूप से Mpox के मरीजों के लिए तैयार किया गया है. LNJP अस्पताल के इस वार्ड में कुल 20 आइसोलेशन कमरे हैं, जिनमें से 10 कमरे संदिग्ध मामलों के लिए और 10 पुष्ट मामलों के लिए आरक्षित हैं.
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा था और सभी मेडिकल पैरामीटर्स सामान्य पाए गए, जिसके बाद उसे 21 सितंबर को छुट्टी दी गई. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पिछले महीने अफ्रीका के कई हिस्सों में Mpox के प्रसार और इसके प्रचलन को देखते हुए दूसरी बार इसे 'अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किया है.
बता दें कि, दिल्ली के अन्य प्रमुख अस्पतालों में भी Mpox के संदिग्ध और पुष्ट मामलों के इलाज के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं. गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल और बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में Mpox के संदिग्ध मामलों के लिए 5-5 आइसोलेशन कमरे और पुष्ट मामलों के लिए भी 5-5 कमरे रिजर्व रखे गए हैं. यह व्यवस्थाएं Mpox के फैलाव को रोकने और रोगियों के त्वरित इलाज के लिए की गई हैं.