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देश की राजधानी दिल्ली में वैक्सीन की किल्लत बढ़ती जा रही है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि दिल्ली में कोवैक्सीन की सप्लाई बंद हो गई है. दिल्ली की स्थिति ये है कि अब करीब 100 सेंटर्स बंद करने की नौबत आ गई है.
मनीष सिसोदिया के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने कुल 1.34 करोड़ कोरोना वैक्सीन की डिमांड की थी, जिसमें से 67 लाख कोवैक्सीन शामिल थीं. लेकिन अब कोवैक्सीन वालों की तरफ से जवाब आया है कि वो वैक्सीन नहीं दे सकते हैं.
COVAXIN के पत्र से हुआ बड़ा खुलासा !
— AAP (@AamAadmiParty) May 12, 2021
"हम केंद्र सरकार के कहने पर ही राज्यों को Vaccine दे रहे है, हम दिल्ली को और Vaccine नहीं दे सकते है क्यूंकि हमे केंद्र के हिसाब से ही Vaccine देनी है।"
दिल्ली सरकार ने उनसे 67 लाख Vaccine मांगी थी।- Dy CM @msisodia #ModiKaVaccineDisaster pic.twitter.com/9y6UzNq289
मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने साफ कह दिया है कि वो केंद्र सरकार के हिसाब से ही वैक्सीन दे रही है, केंद्र ही वैक्सीन पर तय कर रही है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि वैक्सीन का स्टॉक ना होने की वजह से 100 से अधिक सेंटर्स बंद करने जा रहे हैं.
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई, तो तीसरी लहर में भी लोग मरते रहेंगे.
मनीष सिसोदिया ने अब कहा है कि केंद्र सरकार को वैक्सीन का एक्सपोर्ट तुरंत बंद करना चाहिए. हमारे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि वैक्सीन का फॉर्मूला साझा किया जाए, ताकि बड़े स्तर पर प्रोडक्शन किया जा सके. डिप्टी सीएम ने कहा कि यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां से भी वैक्सीन मिले, वहां से लेकर राज्य सरकारों को उपलब्ध करवाएं.
आपको बता दें कि दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में वैक्सीन की कमी की बात सामने आ रही है. बीते दिनों ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वैक्सीन की सप्लाई जल्द से जल्द होनी चाहिए ताकि सभी को टीका लग सके.
सिर्फ दिल्ली ही नहीं कई राज्यों में दिक्कत
सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन की कमी हो रही है. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा में भी वैक्सीन की भारी किल्लत है. महाराष्ट्र में भी कोवैक्सीन की सप्लाई ना होने की वजह से 18 से 44 साल के लोगों का टीकाकरण रोक दिया गया है, जबकि 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को दूसरी डोज़ देने पर फोकस किया जा रहा है.
वैक्सीन की कमी को देखते हुए कई राज्यों ने अब ग्लोबल टेंडर्स निकाले हैं, जिनके तहत इंटरनेशनल कंपनियों को वैक्सीन मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी जाएगी. इसमें उत्तर प्रदेश, ओडिशा और दिल्ली जैसे राज्यों के नाम शामिल हैं.